
Uttam Nagar murder: उत्तम नगर हत्याकांड में दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की प्रक्रिया को फिलहाल थाम दिया है। न्यायमूर्ति ने MCD नगर निगम को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई तक इन संपत्तियों के खिलाफ किसी भी तरह की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई न की जाए।
हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आज शाम 4 बजे से लेकर कल सुबह 10:30 बजे तक आरोपियों के घरों पर बुलडोजर नहीं चलेगा। दरअसल, आरोपियों की माताओं ने घर गिराए जाने के डर से अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जिस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अमित बंसल की बेंच ने प्रशासन को फिलहाल रुकने का निर्देश दिया है।
दरअसल, होली के दिन तरुण भुटोलिया (26) की हत्या के बाद उत्तम नगर में माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग के बीच इस घटना को सांप्रदायिक दृष्टिकोण से भी देखा जाने लगा, जिसने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए कानून-व्यवस्था की चुनौती खड़ी कर दी थी।
इस मामले में मुख्य आरोपियों सोहेल और अयान की मां शाहनाज, और सह-आरोपी इमरान उर्फ बंटी की मां जरीना ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अपनी याचिका में उन्होंने प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई से संरक्षण की मांग की है। याचिकाओं में तर्क दिया गया है कि उनके घरों को निशाना बनाना न्यायसंगत नहीं है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
याचिकाकर्ताओं ने एमसीडी MCD की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हत्या की एफआईआर दर्ज होते ही एक आरोपी के मकान के हिस्से को आनन-फानन में गिरा दिया गया। उन्होंने इस कार्रवाई को चयनात्मक और मनमाना करार देते हुए अदालत को बताया कि संबंधित निर्माण न तो सरकारी जमीन पर था और न ही किसी सार्वजनिक सड़क पर अतिक्रमण कर रहा था। याचिका में यह दलील भी दी गई कि जब नगर निगम वर्षों से उस संपत्ति का हाउस टैक्स और बिजली बिल वसूल रहा है, तो उसे अवैध कैसे माना जा सकता है।
कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट के 2024 के उस बड़े फैसले का हवाला दिया गया, जिसमें कहा गया है कि किसी का भी घर गिराने से पहले उसे नोटिस देना और उसकी बात सुनना जरूरी है। इन दलीलों को सुनने के बाद, हाई कोर्ट ने आरोपियों के परिवारों को फिलहाल राहत दे दी है और मामले की अगली बड़ी सुनवाई बुधवार को तय की है।
Updated on:
10 Mar 2026 07:00 pm
Published on:
10 Mar 2026 07:00 pm
