
अगले साल फरवरी 2023 में होने वाले होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट कर्टेन रेजर कार्यक्रम का उद्घाटन करते सीएम योगी आदित्यनाथ, मंत्री सुरेश खन्ना, मंत्री नंदगोपाल, मंत्री राकेश सचान
अनुराग मिश्रा
उत्तर प्रदेश एक परिवर्तनकारी और प्रगतिशील यात्रा के शिखर पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो दिशा निर्देश , मार्गदर्शन दिया उसके चलते पूरे भारत ही नहीं पूरे विश्व के इन्वेस्टर्स उत्तर प्रदेश की ओर आशा भरी निगाह से देख रहे हैं। यह बातें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने राजधानी दिल्ली में आयोजित यूपी इन्वेस्टर्स समिट के कर्टन रेजर समारोह में कहीं। आदित्यनाथ कर्टन रेजर में आए भारत सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों के सचिवों देश और विदेश से आए निवेशिकों और उद्योगपतियों को संबोधित कर रहे थे।
10-12 फरवरी 2023 में आयोजित है ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट
गौरतलब है प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर उत्तर प्रदेश मेहर 6 से 8 महीने में इन्वेस्टर्स समिट किया जा रहा है उत्तर प्रदेश साल 2023 के फरवरी महीने में बड़ा इन्वेस्टर्स समिट करने जा रहा है।
आत्मनिर्भर भारत का स्तंभ बन चुका है उत्तर प्रदेश
पीएम मोदी के आत्म निर्भर भारत के विजन का कायाकल्प का एक स्तंभ उत्तर प्रदेश है। विकास के मूल मंत्र रिफॉर्म परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म का उदाहरण उत्तर प्रदेश है। राज्य ने इसे अक्षरशः लागू किया है। उद्योगों और निवेश को फ्री बढ़ावा दिया जा रहा है इसके अलावा समृद्धि की दिशा में उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। विश्व स्तरीय प्रगतिशील माहौल और कारोबारी माहौल देने की कोशिश उत्तर प्रदेश में हुई है।
उत्तर प्रदेश है भारत का ग्रोथ इंजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन के स्तर पर ले जाने के लिए उत्तर प्रदेश जैसे राज्य को ग्रोथ इंजन की तरह काम करना है। योगी आदित्यनाथ ने कहा की आर्थिक विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनामी के अपने लक्ष्य का पूरा प्रारूप आप सबके सामने प्रस्तुत किया है।
उत्तर प्रदेश में मौजूद है असीम व्यवसायिक एवं कारोबारी संसाधन
इस आयोजन के पीछे उत्तर प्रदेश में मौजूद असीम व्यवसायिक और कारोबारी संसाधन है प्रदेश सरकार चाहती है कि इसका इस्तेमाल प्रदेश के लोगों के लिए राज्य के आर्थिक विकास के लिए वैश्विक स्तर पर किया जाए। डिफेंस इलेक्ट्रिक व्हीकल रक्षा से जुड़े तमाम स्वदेशी उपकरणों के निर्माण हस्तशिल्प उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के प्रोडक्ट के अलावा आई टी आई टी एफ डिफेंस और एयरोस्पेस वेयरहाउसिंग पर्यटन और टेक्सटाइल, एमएसएमई मैं निवेश आकर्षित करने के लिए 25 नीतियों को तैयार किया गया है।
इस कार्यक्रम मैं बोलते हुए उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी ने बताया सिंगल विंडो सिस्टम के तहत उद्योगों की सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है। इसके लिए उद्यमियों को 350 से अधिक सुविधाएं दी गई है।
10 लाख करोड़ रुपए के निवेश का लक्ष्य
मंत्री नंद गोपाल ने बताया कि सभी राज्यों के औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर और उनकी नीतियों का अध्ययन करने के लिए उत्तर प्रदेश के अफसरों की टीम बनी थी सभी जगह के अध्ययन के बाद प्रदेश में बिंदुवार कारोबारी एवं व्यवसाई सुविधाओं के लिए कार्यक्रम बने नंदी ने कहा कि अगले साल होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए उत्तर प्रदेश में अलग-अलग देशों से और भारत के उद्योगपतियों द्वारा 1000000 करोड़ रुपए के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के इंडस्ट्री कमिश्नर सहित अलग-अलग विभागों के अफसर भी मौजूद रहे।
इस मौके पर उत्तर प्रदेश के एमएसएमई विभाग के मंत्री राकेश सचान ने कहा कि वह प्रदेश के लोगों में कारोबार व्यवसाय और औद्योगिक निवेश को लेकर जागरूकता के लिए रोड शो की श्रृंखला को और बढ़ाएंगे। कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना सीआईआई के पदाधिकारी उत्तर प्रदेश सरकार के कई अफसर भी मौजूद थे।
Published on:
22 Nov 2022 04:33 pm
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