29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा हमें इतिहास लिखने से कौन रोक सकता है

पुस्तक विमोचन के अवसर पर गृह मंत्री ने कहा कि इतिहास की नई किताबों के माध्यम से तथ्यों को सामने लाने का प्रयास झूठ फैलाने वालों की तुलना में ज्यादा बड़ा और तेज होना चाहिए ताकि यह प्रभावी हो सके। कुछ लोगों ने इतिहास को विकृत कर दिया है। उन्हें जो कुछ भी करना था, उन्होंने लिखा है, लेकिन हमें अपने खुद के तरीके से लिखने से कौन रोक सकता है?

2 min read
Google source verification
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा हमें इतिहास लिखने से कौन रोक सकता है

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा हमें इतिहास लिखने से कौन रोक सकता है

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को देश के इतिहासकारों से अतीत के गौरव को पुनर्जीवित करने की अपील की।पुस्तक विमोचन के अवसर पर गृह मंत्री ने कहा कि इतिहास की नई किताबों के माध्यम से तथ्यों को सामने लाने का प्रयास झूठ फैलाने वालों की तुलना में ज्यादा बड़ा और तेज होना चाहिए ताकि यह प्रभावी हो सके। अमित शाह ने कहा कि इतिहास सरकारों द्वारा नहीं रचा जा सकता है, बल्कि यह सच्ची घटनाओं पर रचा जाता है। उन्होंने समाज से इतिहास को उसके वास्तविक रूप में पेश करने की पहल करने का आग्रह किया।

गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को डॉ. ओमेंद्र रत्नू की पुस्तक 'महाराणा: सहस्र वर्षों का धर्मयुद्ध' के विमोचन के अवसर पर बोल रहे थे। आक्रमणकारियों के ख़िलाफ़ भारतीय राजाओं द्वारा लड़े गए कई युद्धों को भुला दिए जाने पर दुख व्यक्त करते हुए अमित शाह ने कहा कि असम में अहोम राजाओं और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में शिवाजी के नेतृत्व वाले मराठा जैसी लड़ाइयों ने भारत को वह स्थान दिया है जहां वह आज है। गृहमंत्री ने कहा कि 800-900 साल की स्वाधीनता की लड़ाई के चलते हम बचे हुए हैं। संस्कृति को बचाने के लिए लोगों ने बलिदान दिया।

अमित शाह ने कहा, "दुनियाभर में आज देश का गौरव पहचाना जाता है। राष्‍ट्र की एकता और अखंडता के लिए लड़ी गई लड़ाई के लिए कुर्बानियां देने वालों की आत्मा को आज भारत का यह गौरव देखकर शांति मिलती होगी। मैं इतिहासकारों को बताना चाहता हूं। हमारे पास कई साम्राज्य हैं लेकिन इतिहासकारों ने केवल मुगलों पर ध्यान दिया। ज्यादातर इतिहासकारों ने उनके बारे में लिखा है।" बता दें, बीजेपी और आरएसस दोनों ही इस बात का आरोप लगाते हैं कि इतिहास की किताबें वामपंथी इतिहासकारों ने लिखी हैं। जिन्होंने हिन्दू राजाओं और उनके बेहतरीन शासन को हमेशा नजरअंदाज किया।

यह भी पढ़ें: केंद्र सरकार का भ्रामक विज्ञापनों को लेकर सख्त रुख, जारी की नई गाइडलाइन्स

गृह मंत्री ने कहा, "कुछ लोगों ने इतिहास विकृत तरीके से लिखा, लेकिन हमें कौन रोक सकता है, हमारा इतिहास लिखने से। अब हम स्वाधीन हैं। किसी के मोहताज नहीं हैं। हम हमारा इतिहास खुद लिख सकते हैं। सत्य को रोका नहीं जा सकता। सवाई मान सिंह ने अकबर से समझौता कर लिया तो हमारे इलाके में सवा नहीं हवा बोलते हैं। सवाई महल को हवाई महल कहते हैं।" शाह लेखकों और फिल्म निर्माताओं से सच्चाई को सामने लाने वाले तथ्यों पर काम करने का आग्रह किया है।

यह भी पढ़ें: पैगंबर पर नूपुर शर्मा की टिप्पणी के विरोध में बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन, करेंगे भारतीय दूतावास का घेराव

Story Loader

बड़ी खबरें

View All

नई दिल्ली

दिल्ली न्यूज़

ट्रेंडिंग