
Monkeypox: कोरोना के बाद दुनिया भर में मंकीपॉक्स नाम की बिमारी फैलने लगी है। अब तक दुनिया भर के 29 देशों में इसके मामले सामने आ चुके हैं, जिसके बाद WHO के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने इसे फैलने से रोकने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि अभी मंकीपॉक्स के कारण किसी की मौत नहीं हुई है, लेकिन प्रभावित देशों को सभी मंकीपॉक्स मामलों और संपर्कों की पहचान करनी चाहिए ताकि इसके प्रकोप को रोका जा सके।
इसके साथ ही WHO ने दावा किया है कि समलैंगिक पुरुषों को मंकीपॉक्स होने की अधिक संभावना है। टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने बताया कि समलैंगिक पुरुषों में गैर-स्थानिक देशों से रिपोर्ट किए गए कई मामलों में पहचाना गया है। पुरुषों के साथ यौन संबंध रखने वाले पुरुषों के समुदायों में मंकीपॉक्स के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। वहीं कुछ देशों ने महिलाओं में स्पष्ट सामुदायिक प्रसारण के मामलों की रिपोर्ट करना शुरू कर दिए हैं।
दो से चार सप्ताह तक रहती है यह बिमारी
डब्ल्यूएचओ के अनुसार मंकीपॉक्स आमतौर पर एक आत्म-सीमित बीमारी है जो दो से चार सप्ताह तक रहती है। यह विशेष रूप से युवाओं, गर्भवती महिलाओं और उन लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है जो कई बिमारियों से प्रभावित हैं। इसके साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस के अनुसार यह बिमारी मुख्य रूप से पुरुषों के साथ यौन संबंध रखने वाले पुरुषों में देखने को मिल रही है।
जल्द से जल्द लेनी चाहिए चिकित्सा सहायता
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार व्यक्तिगत संपर्क से मंकीपॉक्स एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। मंकीपॉक्स पुरुषों व अन्य लोगों में संभोग से भी फैलता है। कीपॉक्स का संकेत मिलने के बाद जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
29 देशों से मंकीपॉक्स के 1 हजार से अधिक मामले आए सामने
अब तक 29 देशों से मंकीपॉक्स के 1 हजार से अधिक मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही WHO के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने कहा कि यह बीमारी स्थानिक नहीं है। हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक इससे किसी की भी मौत नहीं हुई है। इसका आगे प्रसार रोकने के लिए सबसे अधिक जरूरी सभी मामलों और संपर्कों की पहचान किया जाए।
Published on:
09 Jun 2022 10:37 am
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