
पाटण. जिला पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) टीम ने कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय मवेशी चोर गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 3.45 लाख रुपए की भैंस सहित 18 लाख का माल जब्त किया।
एलसीबी के पुलिस निरीक्षक आर जी उनागर व टीम ने मानव संसाधन और तकनीकी विश्लेषण के जरिए पता लगाया कि अरवल्ली जिले की मोडासा तहसील के निवासी आरीफ मुलतानी और साबरकांठा जिले की हिम्मतनगर तहसील के निवासी हारून मुलतानी के गिरोह के खिलाफ पहले भी मवेशी चोरी के मामले दर्ज हैं।टीम ने आरीफ मुलतानी और हारून मुलतानी के साथ अरवल्ली जिले की मोडासा तहसील के निवासी अकील मुलतानी, अरबाज मुलतानी, असलम मुलतानी, मोसिक मुलतानी, सादिक शेरखा, नसरुद्दीन मुलतानी, अरवल्ली जिले की मालपुर तहसील शंकर परमार और एक नाबालिग को पकड़ा।
सभी 10 आरोपियों को पाटण लाकर पूछताछ की गई। उनके कब्जे से 3.45 लाख रुपए की भैंस, 7 मोबाइल, 3 वाहन, रस्सी, डंडे, पाइप सहित 18,03,200 रुपए माल जब्त किया गया। मवेशी चोरी की बात कबूल करने पर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पाटण सिटी बी डिवीजन पुलिस स्टेशन को सौंपा गया। इस मामले में अरवल्ली जिले की मोडासा तहसील के निवासी नत्थे मुलतानी को फरार घोषित किया गया।
एलसीबी के मुताबिक, आरोपी आरीफ मुलतानी, हारून मुलतानी और नत्थे मुलतानी इस गिरोह के मुख्य सूत्रधार हैं। उन्होंने और अधिक लोगों की जरूरत पूरी करने के लिए अन्य लोगों को 1,500 रुपए प्रति रात की दर पर चोरी करने के लिए काम पर रखा था। इन्होंने पाटण, मेहसाणा, बनासकांठा, साबरकांठा, अरवल्ली, गांधीनगर व अन्य जिलों तथा राजस्थान के डूंगरपुर जिले में रात्रि के समय मवेशी की चोरी की। चुराई गई कुछ भैंसों को शंकर परमार को उसके तबेले में रखने के लिए दी। कुछ भैंसों को वित्तीय लाभ कमाने के लिए कत्लखाने में अलग-अलग जगहों पर बेच दिया। पुलिस ने कुल 16 मामलों का पता लगाया है।
Published on:
26 Mar 2025 11:06 pm
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