
शिवपुरी. 15 साल पहले वर्ष 2011-12 में शुरू हुआ सीवर प्रोजेक्ट पूरा होने का नाम नहीं ले रहा है। इस प्रोजेक्ट की शुरूआत 69 करोड़ रुपए की लागत से हुई थी और अभी तक 101 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हंै। पिछले एक साल से लाइन टेङ्क्षस्टग का काम चल रहा है लेकिन अभी तक 95 किमी में से महज 40 किमी सीवर लाइन की ही टेङ्क्षस्टग पूरी हुई है और 55 किमी का काम अधूरा पड़ा है। 4 माह पहले इस प्रोजेक्ट को गति देने के लिए भोपाल स्थित नगरीय प्रशासन विभाग से 9.50 करोड़ रुपए का बजट आना था, लेकिन वह अभी तक पीएचई विभाग को नहीं मिला है। बिना बजट के इस प्रोजेक्ट का काम कछुआ गति से संचालित हो रहा है।
दो माह पूर्व नगरीय प्रशासन व पीएचई विभाग के प्रमुख अभियंता शिवपुरी के दौरे पर आए थे और उन्होंने बारीकी से सीवर प्रोजेक्ट की समीक्षा की थी। इस दौरान अधिकारियों ने ट्रीटमेंट प्लांट से लेकर सीवर लाइन का अध्ययन कर आश्वासन दिया था कि जल्द 9.30 करोड़ रुपए की राशि नगरीय प्रशासन विभाग शिवपुरी के पीएचई विभाग को देगा, जिसके बाद सीवर लाइन की टेङ्क्षस्टग का काम जो शेष बचा है, वह पूरा हो जाएगा। लेकिन अधिकारियों के जाने के बाद आगे कुछ भी प्रगति नहीं हुई और इस प्रोजेक्ट का काम वहीं पर पड़ा है, जहां दो माह पहले अधिकारियों ने छोड़ा था। हालांकि शुरूआत में पूरे 9.50 करोड़ रुपए नहीं आने थे, लेकिन इस राशि में से कुछ राशि भी आती तो काम को गति मिलती।
पिछले 15 साल में इस योजना पर करीब 101 करोड़ रुपए खर्च हो गए हैं, जबकि यह योजना महज 69 करोड़ से शुरू हुई थी। अब पीएचई के बाद इस प्रोजेक्ट में आगे का काम नगर पालिका करेगी और नगर पालिका को इस काम के लिए 300 करोड़ रुपए का बजट मिलेगा। इस बजट से शहर में घर-घर कनेक्शन के साथ जिन स्थानों पर सीवर लाइन नहीं डाली गई है, वहां पर सीवर लाइन डालने से लेकर अन्य काम होंगे। कुल मिलाकर देखा जाए तो करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी शहर वासियों को इस योजना का लाभ कब मिलेगा, यह तो समय ही बताएगा।
पीएचई विभाग ने शहर के जिन हिस्सों में सीवर लाइन डाली है, वहां नपा पहले 16 हजार घरों में ही सीवर कनेक्शन देगी। इसके बाद पूरे शहर में सीवर लाइन डलने के बाद इन कनेक्शनों की संख्या बढक़र 44 हजार तक पहुंच जाएगी। हर कनेक्शन पर करीब 9 हजार रुपए का खर्च आएगा। इसमें नपा घर मालिक से 4 हजार रुपए लेगी, जबकि शेष 5 हजार खुद खर्च करेगी। हर कनेक्शनधारी को कनेक्शन लेने के बाद आगे मरम्मत के नाम पर 100 से 200 रुपए हर माह का शुल्क अलग से देना होगा।
10 दिसंबर को जब केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य ङ्क्षसधिया शिवपुरी के दौरे पर आए थे, तो उन्होंने इस प्रोजेक्ट की समीक्षा करने के बाद प्रेसवार्ता में स्पष्ट तौर पर कहा था कि सीवर प्रोजेक्ट में टेङ्क्षस्टग के बाद नगर पालिका जो घर-घर कनेक्शन व सीवर लाइन डालने का काम करेगी तो उससे पहले आमजनता से फीड बैक लेना होगा। अगर जनता इसके लिए तैयार है तो ही काम आगे बढ़ेगा। केन्द्रीय मंत्री के इस बयान के बाद कहीं न कहीं अब मंत्री को भी ऐसा लगने लगा है कि यह प्रोजेक्ट पूरा होगा या नहीं। इधर अधिकारियों का भी कहना है कि अब जनता से फीड बैक लेकर ही आगे का काम करेंगे।
बजट के फेर में काम काफी धीमी गति से चल रहा है। अभी तक हम टेङ्क्षस्टग का 40 फीसदी काम पूरा कर चुके हैं। 95 किमी में से 40 किमी का काम हो गया है। अब जैसे ही बजट उपलब्ध होता है तो आगे का काम पूरा कर प्रोजेक्ट को नगर पालिका के हैंडओवर कर देंगे। बाकी का काम नगर पालिका करेगी।
शुभम अग्रवाल, कार्यपालन यंत्री, पीएचई विभाग।
Published on:
23 Jan 2026 12:12 am
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