भीलवाड़ा। करेड़ा कस्बे में चार दिन पूर्व आनंद ज्वेलर्स के शटर को गैस कटर से काटकर साठ लाख मूल्य के सोने-चांदी के गहने चुराने के मामले का मंगलवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। करेड़ा पुलिस ने वारदात में लिप्त छह जनों को गिरफ्तार किया।। वारदात का मास्टर माइंड संजय आचार्य आजीवन कारावास की सजा में जमानत पर बाहर है। पूछताछ में सामने आया कि दुकान पर एक साल पूर्व आयकर विभाग ने रेड दी थी। ऐसे में यहां माल अधिक मिलने की सम्भावना पर आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र यादव ने बताया कि गत 28 मार्च की रात को वैन लेकर आए चोरों ने करेड़ा के शनि मंदिर के पास स्थित आनंद ज्वेलर्स में वारदात की। शटर काटकर चोर साठ लाख का माल पार कर ले गए। संचालक गौतम कुमार रांका ने करेड़ा थाने में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई।
29 मार्च को आ गए रडार पर
डीएसपी ओमप्रकाश की अगुवाई में पांच टीमों का गठन किया। करेड़ा थानाप्रभारी पूरण चंद मीणा ने टीमों के साथ समन्वय करते हुए मोर्चा संभाला। टीम ने 29 मार्च को घटना को लेकर अहम सुराग जुटाए और कड़ी जोड़ते हुए वारदात में लिप्त करेड़ा निवासी संजय आचार्य, दीपक आचार्य, लोकेंद्र सिंह, पुर निवासी महेश विश्नोई, कुंदनसिंह तथा पुरावतों का आकोला निवासी शुभम विश्नोई को गिरफ्तार किया। आरोपियों को पांच दिन के रिमांड पर लिया। वारदात में लिप्त वैन, ऑक्सीजन सिलेंडर व कटर बरामद कर लिया। चुराए जेवर व नकदी बरामदगी के प्रयास जारी है।
आरोपी संजय जमानत पर बाहर
टीमों ने सौ से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले, मोबाइल लोकेशन, बीटीएस व चालान सुदा आरोपियों से पूछताछ की। इस दौरान सामने आया कि हत्या व लूट की वारदात में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा संजय आचार्य जमानत पर बाहर है। उसके साथी भी गायब है। अहम जानकारी के बाद आरोपियों की तलाश में शिकंजा कसा।
होटल से पकड़े पहले तीन आरोपी
थानाप्रभारी मीणा को 29 मार्च की रात को सूचना मिली की बेमाली रोड पर आरोपी संजय व उसके दो साथी मौजूद है। पुलिस ने घेराबंदी कर संजय को पहले दबोचा और उसके बाद दीपक व लोकेन्द्र को पकडरा। पूछताछ में संजय टूट गया। उसने साथियों की मदद से ज्वेलर्स पर वारदात करना कबूला।
पुर से वैन मालिक को पकड़ा
संजय से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने पुर में दबिश देकर वैन मालिक महेश विश्नोई को गिरफ्तार किया। पुलिस ने देर रात आरोपी शुभम को भी पुर में एक अन्य ठिकाने से पकड़ा। पुरावतों का आकोला में दबिश देकर कुंदन को पकड़ा।
तंग गलियों से मिला सुराग
पुर में संजय का ससुराल होने से वहां उसका आना जाना था। करेड़ा की गलियां तंग के बावजूद घटनास्थल पर अपराधियों के सहज पहुंचने से पुलिस को लगा गया कि स्थानीय व्यक्ति इसमें शामिल है। इसी आशंका के आधार पर संजय के बारे में जानकारी जुटाई।
आरोपियों की कराई परेड
आरोपियों को पुलिस करेड़ा अस्पताल में मेडिकल मुआयने के लिए लेकर आई। यहां से सभी आरोपियों को पैदल ही घटनास्थल ले जाया गया और मौका तस्दीक कराई। बड़ी संख्या में भीड़ एकत्र हो गई।
वारदात के बाद पुर पहुंचे
अनुसंधान में सामने आया कि घटना के बाद आरोपी वैन लेकर भीलवाड़ा के रास्ते पुर गए। वहां आरोपी महेश के घर पर वैन खड़ा किया। अन्य इको कार लेकर फिर करेड़ा पहुंचे। यहां संजय व दो अन्य को उनके घर छोड़ा। संजय के खिलाफ तीन मुकदमें है। कुंदन के खिलाफ भी लूट समेत चार मुकदमें। जबकि दीपक व लोकेन्द्र का पुलिस रिकार्ड नहीं पाया।
भीलवाड़ा में की थी गोली मार कर हत्या
घटना का मास्टरमाइंड संजय आचार्य ने 2015 में भीलवाड़ा में लोहिया शोरूम के कैशियर अशोक व्यास पर फायरिंग कर लूट की वारदात की थी। घटना में अशोक की मौत हो गई थी। घटना में न्यायालय ने आरोपी संजय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, आरोपी अभी जमानत पर बाहर है। खुलासे पर लोगों ने खुशी जाहिर की। यहां माहेश्वरी भवन में एएसपी रोशन पटेल, थाना प्रभारी मीणा, साइबर टीम के चन्द्रपाल सिंह, दीवान अर्जुनसिंह शेखावत सहित टीम का सम्मान किया।