सपनों की भी एक अलग दुनिया है। मन के भाव, आशंकाएं, कामनाएं और भविष्य की योजनाएं मन पर प्रभाव डालती हैं और कई बार उनकी अभिव्यक्ति सपनों के रूप में होती है। अनेक बार बहुत भयानक सपने भी आते हैं। खंडहर, श्मशान में जलती चिता, कब्रिस्तान में मुर्दे, भयानक दृश्य मन में डर और अनिष्ट की आशंका का संचार करते हैं।
हालांकि ऐसे अधिकांश सपने कभी सच नहीं होते लेकिन जब ये आते हैं तो व्यक्ति नींद के दौरान कैसा अनुभव करता है, यह सिर्फ वही महसूस कर सकता है। वह कभी नहीं चाहेगा कि ऐसा सपना उसे फिर कभी दिखाई दे।
ये उपाय भगाएंगे भयज्योतिष में ऐसे कई उपाय बताए गए हैं जो सपनों में दिखाई देने वाले ऐसे भयानक दृश्यों का निवारण कर सकते हैं। ऐसी दृढ़ मान्यता है कि इन उपायों के बाद व्यक्ति का मनोबल मजबूत होता है और फिर उसे निद्रा के दौरान ऐसे सपने नहीं आते। इस प्रकार के सपनों को दूर रखने के लिए ये उपाय आजमाएं-
1- रात को सोते समय हाथ, पांव, मुंह धोकर सोएं। सोने से पहले गर्म दूध न पीएं। लघुशंका आदि से निवृत्त होने के बाद ही बिस्तर पर जाएं। संभव हो तो उस दौरान कोई प्रेरक किताब पढ़ें।
2- रात को भूतों की फिल्में, धारावाहिक आदि न देखें और न ही इस प्रकार का साहित्य पढ़ें।
3- रात का खाना सोने से डेढ़ या दो घंटे पहले खाएं। उसमें अचार, अधिक मिर्च-मसाले आदि न हों।
4- ऐसे सपने बार-बार आ रहे हैं तो वास्तु के अनुसार अपने बिस्तर की दिशा बदल लें। सोने से पहले हनुमान चालीसा का पाठ करें। गायत्री मंत्र का जाप भी ऐसी बाधाओं को दूर रखता है।
5- मंगलवार का उपवास करें और हनुमानजी को सिंदूर चढ़ाएं। हर सुबह-शाम हनुमानजी के मंदिर या घर में उनके चित्र के सामने दीपक जलाएं।
6- अपने बिस्तर की दाईं ओर तांबे के पात्र या किसी साफ बर्तन में जल रखें।
7- हर अमावस्या को अपने पितृ देवों को नमन करें। उनके नाम पर किसी जरूरतमंद को दान दें।
8- सोते समय कभी मन में यह आशंका न रखें कि आज ऐसा सपना आ गया तो क्या करूंगा/करूंगी? मन को अपना मालिक न बनने दें। आप जैसी बातें अधिक सोचेंगे, वह सपने में उन्हें ही आपके सामने पेश करेगा।
इसलिए प्रसन्न रहें, अच्छे साहित्य का अध्ययन करें, अपने इष्ट देव में श्रद्धा रखें और भय की आशंका को मन से निकाल दें।
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