
सागर. केसली पुलिस थाने के बाहर गुरुवार रात चार घंटे तक हाई वोल्टेज पॉलिटिकल ड्रामा चला। देवरी विधायक ब्रजबिहारी पटेरिया की हठ के आगे पुलिस को झुकना पड़ा और रात करीब 2 बजे पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाने के एवज में रिश्वत मांगने वाले डॉक्टर दीपक दुबे पर रिश्वत मांगने का मामला दर्ज करना पड़ा। इसके साथ ही केसली थाना प्रभारी अजय कुमार बैगा को भी तत्काल लाइन हाजिर कर दिया गया। देर रात हुए इस घटनाक्रम की जानकारी जब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मिली तो सीएमएचओ डॉ. ममता तिमोरी ने शुक्रवार को पूरे विवाद की जड़ डॉ. प्रदीप दुबे का तबादला कर बीना भेज दिया है।
देवरी विधायक ब्रजबिहारी पटेरिया ने बताया कि मैं खुद तीन दिन से केसली थाना प्रभारी को फोन लगा रहा था, लेकिन वह हर बार कानून बताने लगता। पुलिस ने जब विधायक की नहीं सुनी तो मजबूरी में रात को केसली पहुंचना पड़ा। वहां जाकर बात की तो थाना प्रभारी फिर नियम-कायदे बताने लगे, जिसके बाद मैंने विधायकी से इस्तीफा दिया और वहीं समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गया। सत्ताधारी दल के विधायक के पुलिस थाने के बाहर धरने पर बैठने और इस्तीफा देने की बात पता चलते ही हड़कंप की स्थिति बन गई। विधायक पटेरिया ने बताया कि देर रात कलेक्टर संदीप जीआर, एसपी विकास कुमार शाहवाल सहित एएसपी, एसडीएम सब केसली आए तब कहीं जाकर रिश्वत मांगने वाले डॉक्टर पर एफआइआर दर्ज हो सकी।
हुए विधायक ब्रजबिहारी पटेरिया का इस्तीफा कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। कुछ ही देर में यह बात हवा की तरह फैली तो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, पूर्व मंत्री व वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने रात में ही विधायक ब्रजबिहारी पटेरिया से बात की और उन्हें इस्तीफा न देने के लिए कहा। पटेरिया ने बताया कि सभी का कहना था कि इससे पार्टी की छवि पर असर आएगा। हालांकि डॉक्टर पर मामला दर्ज होने के बाद पटेरिया ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया।
डॉक्टर पर एफआइआर दर्ज होने के बाद उनके यूनियन ने विरोध शुरू कर दिया है। इसको लेकर विधायक पटेरिया का कहना है कि कुछ दिनों से यह देखने में आ रहा है कि डॉक्टर के खिलाफ कोई एक्शन लिया जाता है तो उनका यूनियन सक्रिय हो जाता है। यह अच्छी बात है कि आप अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हो, लेकिन यूनियन के पदाधिकारियों को खुद के स्तर पर एक बार हकीकत तो पता कर लेना चाहिए।
केसली थाना केमेंढकी गांव में सांप के डसने से करीब 28 दिन पहले 70 वर्षीय धनसिंह यादव की मौत हो गई थी। मृतक के पोते रोहित यादव ने आरोप लगाया कि केसली स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉ. दीपक दुबे ने मृतक का पोस्टमार्टम किया, लेकिन वह पीएम रिपोर्ट में सर्पदंश की बात लिखने के नाम पर 40 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे थे। परेशान होकर मैं डॉक्टर की शिकायत करने पुलिस थाने गया तो वहां भी सुनवाई नहीं हुई। मामले में विधायक ब्रजबिहारी पटेरिया ने भी पुलिस से संपर्क किया, जब पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी तो विधायक पटेरिया गुरुवार रात करीब 9.30 बजेे थाने के बाहर धरने पर बैठ गए थे।
केसली स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. दीपक दुबे पर लगे आरोपों को लेकर कलेक्टर के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ. ममता तिमोरी ने उन्हें कारण बताओ नोट जारी किया है। डॉक्टर दुबे से 24 घंटे अंदर जवाब मांगा है। जवाब न मिलने या समाधानकारक न होने की स्थिति में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया है। गठित जांच दल उक्त प्रकरण की जांच कर प्रतिवेदन 7 दिन के अंदर प्रस्तुत करेगा। जांच दल में डीएचओ डॉ. जेएस धाकड़, डॉ. जीपी आर्य व अर्बन नोडल अधिकारी डॉ. विपिन खटीक शामिल हैं।
मेरा कहना यह था कि जब निर्वाचित सांसद-विधायक पर मामला दर्ज हो सकता है तो शासकीय डॉक्टर की गलती पर एफआइआर क्यों नहीं हो सकती। विधायक पद की गरिमा को देखते हुए ही मैंने धरने पर बैठने से पहले पद से इस्तीफा दिया था। मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, हमारे जनप्रतिनिधि समेत पूरी पार्टी मेरे साथ है।
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केसली में हुए घटनाक्रम की जानकारी देर रात लगी थी, तत्काल मामले में संज्ञान लेते हुए डॉक्टर के ऊपर रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया गया और थाना प्रभारी को भी लाइन हाजिर करते हुए छुट्टी पर भेज दिया है।
विकास कुमार शाहवाल, एसपी
Published on:
13 Oct 2024 11:14 am
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