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परिषद पर लगा भ्रष्टाचार का आरोपए रक्षा मंत्रालय से हुई शिकायत

-परिषद द्वारा बनाए गए ग्रे-वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में साफ नहीं हुआ पानी-लाखों रुपए खर्च कर तैयार किया था प्रोजेक्ट
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Shailendra shirsath

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Updated: 4 Jan 2023, 12:21 AM IST

परिषद पर लगा भ्रष्टाचार का आरोपए रक्षा मंत्रालय से हुई शिकायत

परिषद पर लगा भ्रष्टाचार का आरोपए रक्षा मंत्रालय से हुई शिकायत

डॉ. आंबेडकर नगर(महू). छावनी परिषद द्वारा लालजी की बस्ती व सारवान मोहल्ले के बीच स्थित खाली जमीन पर ग्रे-वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट और बॅायो डायवर्सिटी पार्क प्रोजेक्ट 2021 में शुरू किया गया था। करीब 30 लाख रुपए से अधिक खर्च कर तैयार किए गए इस प्रोजेक्ट में ना तो ग्रे वॉटर का स्तर सुधरा न ही गंदगी दूर हुई। जबकि अलग-अलग चैनल में नाले का पानी रुक कर बदबू फैला रहा है। इस मामले में नवंबर 2022 को एक संस्था छावनी परिषद पर प्रोजेक्ट भ्रष्टाचार करने को लेकर प्रधानमंत्री से लेकर रक्षा मंत्रालय तक शिकायत की गई है। इस शिकायत के बाद से संस्था के कर्ताधर्ताओं को परिषद की ओर से धमकी भी मिलने लगी है।
परिषद ने किशनगंज नाले के ग्रे-वॉटर को साफ करने के लिए ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट के तहत अलग-अलग चैनल बनाकर पांड बनाया गया था। निकासी नहीं होने से पूरे क्षेत्र में गंदा पानी जमा हो गया है। जिन चैनलों से पानी साफ होना था, वहां कचरा एकत्र हो गया है। पानी फिल्टर के लिए बनाए गए कंटूरों में बारिश और नाले का गंदा पानी जमा होने के कारण क्षेत्र में बदबू फैल रही है। प्रोजेक्ट में नाले से लगी 30 एकड़ में से 5.5 एकड़ जमीन को लिया गया।
रक्षा मंत्रालय से हुई शिकायत
प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए महात्मा ज्योतिबा फुले व राष्ट्र माता सावित्री बाई फुले स्मारक निर्माण समिति द्वारा 20 नवंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, डायरेक्टर जनरल डिफेंस इस्टेट, रक्षा मंत्रालय को लिखित शिकायत भेजी गई है। शिकायतकर्ता कैलाश सैनी ने बताया कि प्रोजेक्ट में ग्रे-वाटर को साफ करना था। छावनी परिषद के लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी ग्रे-वाटर ट्रीट होकर साफ हुआ। ना डायवर्सिटी पार्क का तालाब बना और हजारों पौधारोपण का हवाला देकर पेड़-पौधों का नष्ट होना बता दिया, जो कि एक बड़े घोटाले की ओर इशारा दे रहा है। हमने पत्र लिखकर जांच करने की मांग की है।
मिल रही धमकियां
समिति के कैलाश सैनी द्वारा परिषद की शिकायत करने के बाद उन्हें परिषद की ओर से धमकियां भी मिलना शुरू हो गई है। सैनी ने बताया कि शिकायत के बाद 18 दिसंबर को परिषद के अफसर घर आए और दबाव डाला। 20 दिसंबर को मेरी दुकान का निरीक्षण किया गया। 21 दिसंबर को दुकान का एक हिस्सा तोडऩे का कहा गया। इस संबंध में महू थाना प्रभारी को लिखित शिकायत की है।