
Andhra Pradesh अमरावती . आंध्र प्रदेश सरकार ने विभिन्न विभागों में लंबे समय से लंबित बिलों का भुगतान करने का फैसला किया है। इस प्रक्रिया में छोटे ठेकेदारों को भुगतान में प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के निर्देश पर वित्त मंत्री पय्यावुला केशव ने वित्त विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की और बिल भुगतान पर चर्चा की। वित्त विभाग करीब 17,000 लाभार्थियों को करीब 2,000 करोड़ रुपये वितरित करने वाला है।
करीब 9,000 छोटे ठेकेदारों और 8,000 नीरू-चेट्टू (जल-वृक्ष) योजना के लाभार्थियों को उनके लंबित भुगतान प्राप्त होंगे। मंत्री पय्यावुला केशव ने इन भुगतानों के लिए जहां भी संभव हो, ‘पहले आओ, पहले पाओ’ पद्धति का पालन करने का सुझाव दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जारी किए जा रहे कुल 2,000 करोड़ रुपये में से 90 प्रतिशत छोटे ठेकेदारों को जाएगा जबकि केवल 10 प्रतिशत बड़े ठेकेदारों को आवंटित किया जाएगा। मंत्री ने बताया कि 1 करोड़ रुपये से कम के बिलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटान किया जाएगा।
मंत्री ने घोषणा की कि नीरू-चेट्टू योजना, गड्ढा मुक्त सडक़ परियोजना और नाबार्ड कार्यों के लिए भुगतान किया जाएगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कुछ सिंचाई रखरखाव बकाया और पोलावरम परियोजना बकाया का भुगतान किया जाएगा। मंत्री केशव ने कहा कि वे राज्य की वित्तीय प्रणाली को मजबूत करने के लिए सीएम चंद्रबाबू नायडू के मार्गदर्शन में काम कर रहे हैं। कई कठिनाइयों का सामना करने के बावजूद, आंध्र प्रदेश को पटरी पर लाने के लिए इन भुगतानों को संसाधित किया जा रहा है। तीन से चार वर्षों से लंबित बिलों का भुगतान किया जा रहा है।
Updated on:
31 Mar 2025 05:51 pm
Published on:
31 Mar 2025 05:51 pm
