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अनूपगढ़: जनता जल योजना के कर्मचारियों का अब अनशन शुरू, 28 दिन से धरना जारी

-रक्षाबंधन की ख़ुशी में खलल, नहीं बंधवाई राखी

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अनूपगढ़: जनता जल योजना के कर्मचारियों का अब अनशन शुरू, 28 दिन से धरना जारी

अनूपगढ़: जनता जल योजना के कर्मचारियों का अब अनशन शुरू, 28 दिन से धरना जारी

अनूपगढ़. वाटरवक्र्स परिसर में जनता जल योजना के कर्मचारियों का तीन सूत्री मांगों को लेकर धरना सोमवार को 28वें दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों की मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण पांच कर्मचारियों ने सोमवार से धरना स्थल पर अनशन शुरू कर दिया है। इस संघर्ष का प्रभाव केवल कर्मचारियों पर ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों और सामाजिक ताने-बाने पर भी पड़ रहा है। जब पूरा में देश भाई-बहन रक्षाबंधन पर्व मना रहा था, धरने पर बैठे लगभग 35-40 कर्मचारियों के जीवन में यह खुशी नदारद रही। जिलाध्यक्ष ताराचंद ने बताया कि धरने पर बैठे इन कर्मचारियों ने अपनी बहनों से राखी भी नहीं बंधवाई। उन्होंने कहा कि यह स्थिति न केवल उनके लिए, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी अत्यंत दुखदायी है।

प्रशासन की अनदेखी

धरना स्थल पर लगातार 28 दिनों से बैठे कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें नियमित किया जाए, काम के आधार पर वेतन दिया जाए, जल मिशन से अलग रखा जाए और कार्य के दौरान दुर्घटना की स्थिति में राज्य सरकार से आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। इन मांगों को लेकर कर्मचारियों में निराशा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जनता जल योजना के जिलाध्यक्ष ताराचंद ने बताया कि धरना स्थल जिला कलक्टर के निवास से मात्र 30 से 35 मीटर की दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद, प्रशासन की ओर से इस आंदोलन की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष और बढ़ गया है।

कर्मचारियों की नाराजगी चरम पर

सरकार द्वारा कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी से आहत होकर पांच कर्मचारियों—अंग्रेज सिंह, भानीराम, अरुण कुमार, गिरधारी लाल और इंद्राज—ने सोमवार से अनशन शुरू कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगें जल्द ही पूरी नहीं की गईं, तो अनूपगढ़ जिले के अन्य कर्मचारी भी अनशन में शामिल हो सकते हैं। जिलाध्यक्ष ताराचंद ने कहा कि सरकार की इस उदासीनता से कर्मचारियों के धैर्य का बांध टूटने के कगार पर है और अनशन की यह स्थिति आंदोलन को और भी उग्र बना सकती है। इस मामले पर जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने बताया कि आंदोलनकारियों की मांगों को लगातार राज्य सरकार तक भिजवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं कि कर्मचारियों के इस आंदोलन को समाप्त किया जा सके।