
sewer line work contaminating drinking water in katni (फोटो- Patrika.com)
MP News: स्वच्छ शहरों के तमगे वाले शहर इंदौर में गंदे पानी की सप्लाई के कारण आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत (Indore Water Contamination) और 400 से अधिक लोगों के बीमार होने की घटना ने झकझोर कर रख दिया। शहर के उपनगरीय क्षेत्र से लेकर जिले में भी खराब पानी की वजह से पूर्व में आंत्रशोध की बीमारी फैल चुकी है।
अब कटनी शहर में भी इन दिनों स्वच्छ पेयजल की समस्या कई वार्डों में बनी हुई है। इसकी मुख्य समस्या सीवर लाइन है। जिन क्षेत्रों में सीवर लाइन का काम चल रहा है वहां पर कंपनी के कर्मचारियों द्वारा भारी भरकम मशीनों से पेयजल की लाइनों को क्षतिग्रस्त कर दिया जाता है, जिससे लोगों के घारों में प्रदूषित पानी पहुंच रहा है। इस ओर जिम्मेदार गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहे।
पत्रिका ने बुधवार को शहर के कई वार्डों की ग्राउंड रिपोर्ट की तो स्थिति चौकाने वाली सामने आई। शहर के भट्टा मोहल्ला क्षेत्र में कुछ दिनों दिनों पहले चार वार्डों में गंदे पानी की सप्लाई हुई। इसके अलावा शहर के जिन क्षेत्रों में पूर्व सीवर लाइन की कंपनी ने काम किया है तो समस्या हुई। इसके अलावा भी कई वार्डों में पाइप लाइन पुरानी व क्षतिग्रस्त है। गंदे नालों से होकर पाइप लाइन बिछे हैं, जिससे लोगों के घरों में खराब पानी पहुंच रहा है। शुद्ध पेयजल का दावा शहर में सवाल पैदा कर रहा है।
जाटव के साथ-साथ हसमुद्दीन, गंगाराम, मथुरा प्रसाद, जानकी बाई, पूनम चौधरी, मोनू चौधरी, अनसूया, काशी, गुड्डी, लक्ष्मीबाई रैकवार, आदि नागरिकों ने कहा कि शहर के 45 वार्डों में सीवर लाइन का काम होना है, अभी कुछ वार्डों में अधूरे, लापरवाह और खराब निर्माण कार्यों के कारण आमजन का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
सड़कों पर जगह-जगह खुदे गड्ढे, बहता गंदा पानी और बदबू ने लोगों का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल कर दिया है। प्रभावित इलाकों में मदन मोहन चौबे वार्ड, रामनिवास सिंह वार्ड, फॉरेस्टर वार्ड और कावसजी वार्ड शामिल है। नगर निगम और जिला प्रशासन से मांग की है कि सीवर लाइन व पानी की लाइन की तत्काल मरम्मत कराई जाए।
जानकारी के अनुसार हाल के कुछ माह में नगर निगम के पास लगभग एक दर्जन स्थानों की गंभीर शिकायतें पहुंची हैं, जहां पर सीवर लाइन कंपनी ने पाइप लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया था। इसमें भट्टा मोहल्ला मेन रोड, माधवनगर उप कार्यालय के पास, दुर्गाजी के मंदिर के पास अमीरगंज रोड, कटायेघाट मार्ग दुगाड़ी पुलिया के पास, बाबा माधवशाह हॉस्पिटल के समीप, सरस्वती स्कूल के पास नई बस्ती, पीडब्ल्यूडी कॉलोनी के पास विश्राम बाबा आदि क्षेत्र में पाइप लाइन को क्षतिग्रस्त किया गया, जिससे समस्या हुई।
पूर्व में चांडक चौक से घंटाघर तक सड़क निर्माण के दौरान भी ठेकेदार द्वारा पानी की लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। चांडक चौक की ढलान में गंभीर समस्या हो गई थी। इसी प्रकार गायत्री नगर में भी सड़क निर्माण के दौरान लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे लोगों के घरों में खराब पानी की सप्लाई हुई थी।
शहर में पेयजल सप्लाई की कमान निजी कंपनी के हाथों में है। नगर निगम द्वारा अमृत योजना के तहत इंडियन ह्यूम पाइप कंपनी को ठेका दिया गया है। उन्हीं के कमिस्ट पानी की जांच करते हैं। वहीं नगर निगम में मानवेंद्र सिंह बतौर केमिस्ट पदस्थ है। उनको अतिक्रमण अधिकारी बनाया है। मानवेंद्र सिंह द्वारा डबल जिम्मेदारी निभाई जा रही है। बता दें कि शहर में 23.5 एमएलडी पानी की सप्लाई प्रतिदिन की जा जा रही है। 18.50 एमएलडी पानी कटायेघाट बैराज व 6 एमएलडी पानी शहर के नलकूपों से लिया जा रहा है।
केस 01- बुधवार शाम बाबा नारायण शाह वार्ड नंबर 39 में बाबा माधय शाह चिकित्सा के बाजू में सीवर लाइन का काम हो रहा था। यहां पर जेसीबी चालक द्वारा पानी की पाइन लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जिससे पानी बाहर आ गया और गंदा पानी पाइप में चला गया।
केस 02- 23 दिसंबर को भट्टा मोहल्ला क्षेत्र में सीवर लाइन कंपनी ने मेन पाइय लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था, जिससे शहर के 4 वार्डों में दूषित पानी की सप्लाई हुई। इसमें शहर के पाठक वार्ड, रामनिवास सिंह वार्ड, कावसजी वार्ड व वंशरूप वार्ड आदि प्राभावित हुए थे।
केस 03- यह तस्वीर कुछ दिनों पूर्व माधवनगर पीडब्ल्यूडी कॉलोनी की है. जहां पर सीवर लाइन कंपनी के द्वारा कॉलोनी के पानी सप्लाई लाइन को तोड़ दिया गया था, जिससे लोगों के घरों में गंदे पानी की सप्लाई हुई। जब नगर निगम ने ठीक कराया तो राहत मिली।
शहर के नागरिकों को पूरी जांच के बाद पानी की सप्लाई की जाती है। नगर निगम व कंपनी के केमिस्ट हर दिन जांच करते हैं। इसके अलावा शहर में अमृत मित्रों द्वारा जांच की जाती है। सीवर लाइन के कारण लाइन क्षतिग्रस्त करने की समस्या आ रही है। हालांकि सूचना मिलने पर तत्काल ठीक कराया गया है।- सुधीर मिश्रा, कार्यपालन यंत्री
Published on:
01 Jan 2026 01:06 pm
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