
Arjuna bark and coriander fennel water
आयुर्वेद मुख्य रूप से चार चीजों पर काम करता है। तनाव नहीं लेना चाहिए। पौष्टिक भोजन होना चाहिए। सही व्यायाम होना चाहिए। उम्र और क्षमता के अनुसार रोज शारीरिक व्यायाम करना चाहिए। सही समय पर अच्छी नींद लेनी चाहिए। सुबह के समय अच्छा नाश्ता लें। दोपहर में नॉर्मल लंच लें। जबकि रात में हल्का खाना खाएं। रात को हैवी खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है।
डायबिटीज बढ़ती है। अन्य बीमारियां बढ़ती हैं। हाई बीपी में योग और प्राणायाम की भी भूमिका है, जिसमें नारी शोधन प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम और ओम का उच्चारण। इन तीन प्राणायाम को निरंतर करने से बीपी कंट्रोल रहता है। फास्टफूड व पैकेज्ड फूड का सेवन न करें।
पेट और बीपी को ठीक करने के लिए एक चम्मच धनिया और सौंफ का सेवन करें। दोनों को कूटकर रात को भिगो दें। सुबह उबालकर छानकर पी लें। इससे पाचन और बीपी ठीक रहता है।
नियमित रूप से आधा चम्मच अर्जुन की छाल, थोड़ा सा पुनर्नवा, और थोड़ा-सी ब्राह्मी को रात को भिगोकर सुबह उबालकर पीने से बीपी कंट्रोल रहता है।
डॉ. सीताराम गुप्ता
आयुर्वेद विशेषज्ञ
Updated on:
19 May 2024 03:57 pm
Published on:
19 May 2024 03:23 pm
बड़ी खबरें
View Allसमाचार
ट्रेंडिंग
