चूरू.
जिला खेल स्टेडियम में निर्मित अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक स्तर का सिंथेटिक एथलेटिस्क ट्रैक अपनी परीक्षा में पास हो गया। अब यहां चूरू ही नहीं प्रदेश के एथलीट ओलंपिक स्तर के एथलेटिस्क ट्रैक पर अपनी तैयारी कर सकेंगे। गुरुवार को अन्र्तराष्ट्रीय एमेचर एथलेटिक फेडरेशन मुख्यालय फ्रांस के प्रतिनिधि साइमन कलेरी ने जांच के बाद ट्रैक को ओलंपिक फेडरेशन के मानकों पर खरा बताया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य मानक के अनुरूप हैं जो टेंडर में कार्य शामिल किए गए थे वे सभी मापंदड के अनुरूप पाए गए हैं। यह एथलेटिक्स ट्रैक राजस्थान का पहला प्रथम श्रेणी का सिंथेटिक ट्रैक है। वहीं देश में इस प्रकार के अब तक चार ट्रैक बने हैं।
जिला खेल अधिकारी ईश्वरसिंह लांबा ने बताया कि अन्र्तराष्ट्रीय एमेचर एथलेटिक फेडरेशन मुख्यालय फ्रांस के प्रतिनिधि साइमन कलेरी ने दो दिन के परीक्षण के बाद ट्रैक की रिपोर्ट दी है, जिसमें ट्रैक को ओलंपिक स्तर का बताया गया है। कहीं पर कोई कमी नहीं मिली है। परीक्षण का कार्य गुरुवार को जिला कलक्टर संदेश नायक कि उपस्थिति में पूर्ण किया गया है। टै्रक विशेषज्ञ कलेरी ने 22 अप्रेल से 25 अप्रेल तक इसका परीक्षण किया। मलेशिया के सर्वेयर केके ला द्वारा ट्रैक की मार्किगं का कार्य किया जा रहा है। जिला कलक्टर संदेश नायक ने बताया कि अन्र्तराष्ट्रीय स्तर का क्लास वन सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक राजस्थान का पहला एवं देश के गिने-चुने ट्रैक में से एक है। जिला कलक्टर ने विशेषज्ञ कलेरी से ट्रैक के मेन्टीनेन्स एवं ट्रैक की गुणवता के संबंध में जानकारी हासिल की। इस अवसर पर निर्माणकर्ता कम्पनी स्पोटर्स फैसेलिटी प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी के प्रतिनिधि धर्मीत घीया, मलेशिया के रामरतन सिहाग, कबड्डी प्रशिक्षक सरस्वती मुण्डे, मनीष राठौड़ एवं प्रहलाद बुडानिया उपस्थित थे।
जानिए ट्रैक में क्या-क्या लगाया गया
जीएसबी 125 एमएम
डब्यूएमएम 125 एमएम
डामर लेयर में बीएम 50 एमएम व बीसी 50 एमएम
सिंथेटिक 15 एमएम (रबर)
ट्रैक की लम्बाई 400 सौ मीटर
कुल आठ लेन बनाए गए हैं
आयोजित हो सकेंगे यह खेल
– सौ मीटर से लेकर 10 हजार मीटर तक दौड़
– ट्रिपल जम्प
– लम्बी कूद
– ऊंची कूद
– पोल वॉल्ट
– बाधा दौड़ (हर्डल)
– गोला फैंक
– भालाफेंक
– तस्तरी
– तार गोला
– स्टिपल चेज
– वॉकिंग
– रिले दौड़