
विवाह के समय वर, वधू को गले में मंगलसूत्र पहनाता है और इस रस्म के बिना विवाह को अधूरा माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार भी मंगलसूत्र मंगरकारक होता है। इनमें मौजूद सोना कुंडली में बृहस्पति ग्रह को मजबूत बनाता है। और बृहस्पति ग्रह खुशहाल दाम्पत्य जीवन का कारक ग्रह माना जाता है। सुहागन महिलाओं के लिए मंगलसूत्र सबसे महत्वपूर्ण जेवर होता है, वे मंगलसूत्र को अपने सुहाग की निशानी समझती है। जब तक स्त्री का पति उसके साथ रहता है वह मंगलसूत्र गले में पहनतीं हैं।
आज हम आपको मंगलसूत्र से जुड़ी कुछ ऐसे राज बताने जा रहे है जिससे अगर आप भी गलती कर रहीं हैं तो संभल जाएं, यदि आप इन तरीकों से मंगलसूत्र पहन रही हैं तो यह आदतें बदल दें। आपके सिर से आपके सुहाग का साया हमेशा के लिए उठ भी सकता है।
मंगलसूत्र पहनते समय इन बातों का रखें ध्यान
1. स्त्री विवाह के समय जब गले में मंगलसूत्र पहनती है तभी से उसका मंगलसूत्र का उतारना वर्जित हो जाता है, लेकिन अगर आप किसी स्थितिवश आपको मंगलसूत्र उतारना पड़े तो अपने गले में काला धागा आवश्य बांध कर रखे।
2. किसी भी स्त्री को किसी दूसरी स्त्री का मंगलसूत्र धारण नहीं करना चाहिए, ऐसा करने से पति की आयु कम होती है पति-पत्नी के बीट तनाव की स्थिती बनती है
3. जिस प्रकार एक सुहागन स्त्री के जीवन में सिंदूर बिछिया का महत्व है उसी प्रकार स्त्रियां मंगलसूत्र का भी धारण करती है जो उनके सुहाग को लंबी आयु एवं बुरी नजर से उनके पति की रक्षा करता है.
4. मंगलसूत्र काले मोतियों से बनता है और मंगलसूत्र में काले मोती होना जरुरी होता है। यही काले मोती बुरी नजरों से पति की रक्षा करते हैं।
5. मंगलसूत्र में सोने का रहना आवश्यक होता है। क्योंकि सोना गुरु के प्रभावों को कम करता है और वैवाहिक जीवन में सुख एवं ऊर्जा प्रदान करता है। आपको सुखी जीवन का प्रतीक मंगरसूत्र शुद्ध सोने का होना चाहिए।
Published on:
30 Apr 2018 05:22 pm
बड़ी खबरें
View Allट्रेंडिंग
