
alwar ke sariska century ka board
- 7 तहसीलों के 84 गांवों की है यह जमीन, प्रशासन बोला, नियत समय में पूरा करेंगे म्यूटेशन
- बड़ासवाल: प्रशासन के पास इतनी जमीन नहीं, कुछ खानों को दे रखी तो कुछ होटलों के नाम
एनजीटी के आदेश का प्रशासन पर बड़ा असर हुआ है। सरिस्का क्रिटिकल टाइगर हैबीटेट (सीटीएच) की 54 हजार हैक्टेयर जमीन की म्यूटेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। 7 तहसीलों के 84 गांवों की यह जमीन है। प्रशासन का दावा है कि इस प्रक्रिया को जल्द पूरा कर लिया जाएगा लेकिन बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि 54 हजार हैक्टेयर जमीन प्रशासन के पास नहीं है। जानकारों का कहना है कि सैकड़ों हैक्टेयर रकबे में खानों को पट्टे दिए गए थे। साथ ही हजारों हैक्टेयर जमीन पर होटल-रेस्टोरेंट चल रहे हैं। नदी, नाले, पहाड़, सिवायचक आदि जमीन पर भी प्रतिष्ठान खड़े हुए हैं। ऐसे में प्रशासन की सांसें फूली हुई हैं। बताते हैं कि 54 हजार हैक्टेयर रकबा प्रशासन के पास नहीं है। यह तभी पूरा होगा जब खानों से लेकर होटल-रेस्टोरेंट को दी गई।
जमीनें वापस होंगी।
सरिस्का सीटीएच के नाम 88111.24 हैक्टेयर जमीन है। यह जमीन अलवर, राजगढ़, टहला, नारायणपुर, बानसूर, मालाखेड़ा आदि तहसीलों में आती है। प्रदेश सरकार ने इस जमीन का नोटिफिकेशन 2007-08 में ही कर दिया था। वर्ष 2022 में प्रदेश सरकार ने जिला कलक्टर को निर्देश दिए थे कि इस भूमि को वन विभाग के नाम दर्ज कर दिया जाए लेकिन अब तक 18425 हैक्टेयर ही जमीन वन विभाग के नाम आ सकी है। 18676 ैक्टेयर जमीन का रेकॉर्ड राजस्व के पास है लेकिन यह जमीन भी वन विभाग के नाम दर्ज नहीं कराई गई। यह प्रकरण जैसे ही एनजीटी पहुंचा तो एनजीटी ने इस पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। खुद संबंधित एसडीएम ने कोर्ट से 15 दिन से लेकर 1 माह तक का समय इस कार्य के लिए मांगा है। इसी के साथ प्रशासन ने म्यूटेशन की प्रक्रिया तहसीलों में शुरू करवा दी है।
किसानों को भी प्रशासन को करना होगा संतुष्ट
हाल ही में कुछ गांवों के किसान मिनी सचिवालय में जिला कलक्टर को ज्ञापन देेकर गए थे। कहा था कि सीटीएच की जमीन का नामांतरण न हो। ऐसे में प्रशासन को भी किसानों को संतुष्ट करना होगा।
एनजीटी के आदेश का पालन किया जा रहा है। सरिस्का सीटीएच की भूमि के म्यूटेशन की प्रक्रिया चल रही है। नियमों को देखते हुए कार्य हो रहा है।
- आशीष गुप्ता, जिला कलक्टर
प्रशासन ने सरिस्का सीटीएच की जमीन खानों से लेकर होटलों को दे रखी है। प्रशासन 8 अगस्त को एनजीटी में सभी होटल-रेस्टोरेंट की रिपोर्ट सौंपेगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
- राजेंद्र तिवारी, नाहरगढ़ वन एवं वन्य जीव सुरक्षा एवं सेवा समिति
Published on:
11 Jul 2024 11:39 am
बड़ी खबरें
View Allसमाचार
ट्रेंडिंग
