
पोकरण क्षेत्र के लाठी गांव में एक परिवार ने हिरण के बच्चे की 9 माह तक देखभाल के बाद वन विभाग को सुपुर्द किया है। इस दौरान हिरण के बच्चे को तिलक लगाकर मालाएं भी पहनाई गई। लाठी निवासी वन्यजीवप्रेमी विक्रम दर्जी ने बताया कि लोहटा गांव के पास करीब 9 माह पूर्व एक मादा हिरण ने बच्चे को जन्म दिया।
करीब 5 दिन बाद आवारा श्वानों के हमले में हरिण की मौत हो गई। उन्होंने हिरण के बच्चे को संभाला और अपने घर ले आए। परिवार ने हिरण के बच्चे की देखभाल की और दूध पिलाकर पालन-पोषण किया। हिरण के बच्चे का नाम हीनू दिया गया। वन्यजीव प्रेमी दर्जी व उसकी माता चनणीदेवी की ओर से लगातार नौ माह तक की गई देखभाल से बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ व तंदरुस्त हो गया। परिवार के साथ घुल-मिल गया और बच्चों के साथ खेलता रहता। गुरुवार को परिवार ने हिरण के बच्चे को वन विभाग को सुपुर्द कर दिया। परिवार ने तिलक लगाकर व मालाएं पहनाकर हरिण के बच्चे को क्षेत्रीय वन अधिकारी जगमालसिंह सोलंकी, वनरक्षक महेश विश्नोई, गेपराराम भील आदि को सुपुर्द किया, जिसे वन विभाग के रेस्क्यू सेंटर में विचरण के लिए भेज दिया।
Published on:
12 Feb 2026 08:36 pm
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