13 जून 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अंधड़ गया, संकट नहीं: 16 से 27 घंटे तक बिजली गुल, शहर से गांव तक बेहाल रहे लोग

जोधपुर डिस्कॉम के अनुसार शहर के प्रथम, द्वितीय और तृतीय खंड में करीब 40 बिजली पोल और एक ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि 18 स्थानों पर पेड़ गिरने से 11 केवी, 33 केवी और एलटी लाइनें टूट गईं।

2 min read
Google source verification
Following a storm in Sri Ganganagar, electricity poles and trees were uprooted in areas including the Civil Lines and the District Collectorate; the resulting power outage caused inconvenience to the general public

Following a storm in Sri Ganganagar, electricity poles and trees were uprooted in areas including the Civil Lines and the District Collectorate; the resulting power outage caused inconvenience to the general public

श्रीगंगानगर.इलाके में गुरुवार शाम आए तेज अंधड़ और बारिश का असर कुछ घंटों तक नहीं,बल्कि अगले दिन तक दिखाई दिया। शहर से लेकर गांवों तक बिजली व्यवस्था इस कदर चरमराई कि कहीं 16 घंटे तो कहीं 27 घंटे बाद भी आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी। इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल बिजली तंत्र की मजबूती, बल्कि आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के अधिशासी अभियंता निशांत धुन्ना के अनुसार सभी प्रमुख फीडरों पर आपूर्ति बहाल कर दी गई है, लेकिन शुक्रवार शाम तक भी करीब 150 व्यक्तिगत शिकायतें लंबित थीं। जोधपुर डिस्कॉम के अनुसार शहर के प्रथम, द्वितीय और तृतीय खंड में करीब 40 बिजली पोल और एक ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि 18 स्थानों पर पेड़ गिरने से 11 केवी, 33 केवी और एलटी लाइनें टूट गईं। सबसे गंभीर स्थिति श्रीकरणपुर रोड स्थित 33 केवी सद्भावना नगर लाइन पर रही, जहां सात-आठ बड़े पीपल के पेड़ लाइन पर गिर गए। इसके चलते साईं मंदिर फीडर से जुड़े वास्तु नगर, ब्रह्म कॉलोनी, रमेश कॉलोनी सहित एक दर्जन से अधिक कॉलोनियों में गुरुवार शाम पांच बजे से शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। उमस भरी रात में बिजली नहीं होने से पंखे, कूलर और पानी की मोटरें बंद पड़ गईं। कई परिवारों ने रात छतों और आंगनों में बिताई। सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को उठानी पड़ी। स्थानीय निवासी जसवीर सिंह मिशन ने बताया, "रात करीब तीन बजे कुछ देर के लिए बिजली आई, लेकिन फिर चली गई। पूरी रात जागकर काटनी पड़ी।"

गांवों में हालात और ज्यादा खराब

ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी चिंताजनक रही। सहायक अभियंता (ग्रामीण) अनील मीणा के अनुसार 60 बिजली पोल और 9 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए। खाटलबाना 33 केवी जीएसएस क्षेत्र में पूरी रात फाल्ट तलाशने के बावजूद कारण नहीं मिल सका, जिससे कई गांवों में शुक्रवार सुबह नौ बजे तक बिजली बंद रही। आपूर्ति बहाल होने के बाद भी दिन में कई बार व्यवधान आता रहा। इससे ओडक़ी, मोहनपुरा, मदेरां, कैरी, कालियां सहित कई गांव लंबे समय तक अंधेरे में डूबे रहे। किसानों को सिंचाई और डेयरी कार्यों में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

फाल्ट नहीं मिला, दूसरे दिन भी ठप रही सप्लाई

तीन पुली से निकलने वाले तीन वाई और चार जैड फीडर में फाल्ट तलाशने के लिए डिस्कॉम की टीमों ने घंटों मशक्कतकी,लेकिन देर शाम तक सफलता नहीं मिली। गुरुवार शाम पांच बजे बंद हुई आपूर्ति शुक्रवार रात साढ़े आठ बजे तक भी पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी। इससे तीन वाई, चार जैड, कालियां, पार्क कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को दूसरे दिन भी बिजली संकट झेलना पड़ा। कनिष्ठ अभियंता सौरभ निर्वाण ने बताया कि फाल्ट की पहचान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं एसई, एक्सईएन और जेईएन स्तर के अधिकारी भी मौके पर डटे रहे।

बिजली गई तो पानी भी गया

बिजली संकट का असर केवल रोशनी तक सीमित नहीं रहा। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रभावित हुई। घरों की पानी की टंकियां खाली होने लगीं, मोबाइल चार्जिंग से लेकर छोटे कारोबार तक प्रभावित हुए। पंखे और कूलर बंद होने से भीषण उमस के बीच लोगों की परेशानी और बढ़ गई।