10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Bullet baba mandir : इस अद्भुत मंदिर में भगवान नहीं बल्कि बुलेट की होती है पूजा, लोगों की सभी इच्छाएं पूरी करती है मोटरसाइकिल

इस अद्भुत मंदिर में भगवान नहीं बल्कि बुलेट की होती है पूजा, लोगों की सभी इच्छाएं पूरी करती है मोटरसाइकिल
4 min read
Google source verification

image

Tanvi Sharma

Aug 20, 2018

bullet mandir

Bullet baba mandir : इस अद्भुत मंदिर में भगवान नहीं बल्कि बुलेट की होती है पूजा, लोगों की सभी इच्छाएं पूरी करती है मोटरसाइकिल

भारत देश में कई चमत्कारों को देखा व सुना जाता है। देशभर में बहुत सी मान्यताएं हैं जिनके पीछे कोई ना कोई राज़ जरुर छुपा होता है। हमनें आज तक चमत्कार व रहस्मय के इस देश में कई लोगों को मंदिर, मस्जिद और गुरूद्वारे में मत्‍था देकते देखा होगा व वहां भगवान को पूजते देखा होगा, लेकिन क्‍या आपने कभी किसी को मोटरसाइकिल के सामने मत्‍था टेकते देखा है। क्या आपने कभी किसी व्यक्ति को मोटरसाइकल की पूजा कर उससे अपनी मनोकामनाएं पूरी करने की इच्छा जताई है। यदि आपने ये सब नहीं देखा है तो हम आपको ऐसा ही एक चमत्कारी मंदिर बताने जा रहे हैं जहां मंदिर में भगवान की जगह बुलेट मोटरसाइकिल की पूजा की जाती है। Bullet baba mandir यह मंदिर राजस्‍थान में जोधपुर के जिला चोटिला गांव के पास स्थित है। इस मंदिर को बुलेट बाबा मंदिर के नाम से जाना जाता है। बुलेट बाबा का यह मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। लोगों की आस्था अनुसार इस मंदिर में रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिल की पूजा की जाती है। वैसे पूरी दुनिया में कई आश्‍चर्य और रहस्‍य भरे मंदिर हैं जहां के राज़ कोई नहीं जानता ऐसे में एक और आश्‍चर्यजनक बात जहां लोग भगवान को ना पूजते हुए बुलेट मोटरसाइकिल के सामने मत्‍था टेक रहे हैं।

बुलेट बाबा मंदिर ने राजस्थान को धार्मिक विश्वास की भूमि के साथ ही चमत्कारिक भूमि के रूप में भी पुष्टि की है। जोधपुर के पास पाली जिले के चोटिला गांव में स्थित बुलेट बाबा मंदिर Bullet baba mandir , मंदिर के साथ साथ एक स्मारक भी हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार मंदिर के पीछे की कहानी यह है की एक जवान युवक ओम सिंह (ओम बानजी या ओम बन्ना ) गाँव के सरपंच का बेटा थाजो 1991 में एक पेड़ से अपनी बुलेट मोटरसाइकिल टकराया था । दुर्घटना के बाद, मोटरसाइकिल को स्थानीय पुलिस ने जब्त कर लिया और पुलिस स्टेशन ले जाया गया। लेकिन सुबह मोटरसाइकिल दुर्घटना स्थान पर पाई गयी। पुलिस इसे फिर पुलिस थाने ले गयी और जंजीरों से बांध कर इसका ईंधन टैंक खाली कर दिया। लेकिन सब कुछ बेकार रहा पुलिस इस मोटरसाइकिल को दुर्घटना स्थल पर पर पहुंचने तक नहीं रोक सकी।

जैसे ही अन्य गांवों में इसकी खबर फैली, लोग यहाँ इकठ्ठा होना शुरू हो गये और इसे एक स्मारक बना दिया गया – एक मंदिर जहां बुलेट मोटरसाइकिल पूजा करते है जो अब प्रसिद्ध बुलेट बाबा मंदिर के रूप में जाना जाता है। लोग मानते हैं कि ओम बन्ना परेशान राहगीरों की मदद करता था और अब यात्री यहां रुककर बुलेट बाबा के आगे माथा टेकते है। वह पेड़ जहां दुर्घटना घटी, अब वहां चूड़ियां, दुप्पटे और रस्सी दी जाती है।

इसलिए गांव वालें करते हैं बुलेट की पूजा

Bullet baba mandir : गांव वालों को मानना है कि ओम सिंह बहुत ही नेक इंसान थे वो कभी किसी का बुरा नहीं चाहतें थे। लेकिन प्रकृति की क्रूरता के आगे वो भी बेबस थे जिसके कारण उन्‍हे हादसे का शिकार होना पड़ा। गांव वालों की माने तो ठाकुर ओम सिंह आज भी रात में पेड़ के नीचे आते है और उधर गुजरने वाले लोगों को सुरक्षित घर पुहंचाते हैं। उनका मानना है कि उन्‍ही के कारण वहां पर कभी कोई कोई सड़क हादसा नहीं होता है। यही कारण है कि गांव वाले उनके उस बुलेट मोटरसाइकिल की पुजा अर्चना करतें हैं। इतना ही नहीं कुछ ग्रामिणों को दावा है कि उन्‍होंने रात में ओम सिंह को मोटरसाइकिल के पास देखा भी है। इस बुलेट को आज बुलेट बाबा के नाम से जाना जाता है, और एक अर्से से इस बुलेट की लोग खुब पूजा अर्चना करतें हैं। इसके अलावा य‍ह भी एक चमत्‍कार ही है कि, यहां पर ठाकुर ओम सिंह की मृत्‍यु के बाद कभी भी दोबारा कोई सड़क हादसा नहीं हुआ है। यह है ओम बाना का चबूतरा जहां, पर लोग पूर्जा अर्चना आदि करते हैं। रोजाना यहां हजारों की संख्‍या में लोग आते हैं। इस बुलेट के आस-पास पूजा सामाग्री, प्रसाद, चुनरी आदि की बहुत सारी दुकाने सजी रहती हैं।

कैसे पहुंचे बुलेट बाबा के मंदिर

सड़क मार्ग द्वारा : बुलेट बाबा पाली शहर से 22 किमी की दूरी पर पाली और जोधपुर के बीच एनएच 65 पर स्थित है। एक आरएसआरटीसी बस या निजी टैक्सी द्वारा यहाँ आसानी से यहां पहुंचा सकता है।

रेल मार्ग द्वारा : बुलेट बाबा निकटतम पाली रेलवे स्टेशन ( 20 किलोमीटर ) से बड़े शहरों के रेलवे स्टेशनों जैसे दिल्ली, आगरा, मुंबई, चेन्नई, पाली, पाली, जयपुर, अहमदाबाद से जुड़ा हुआ है।

हवाई मार्ग द्वारा : बुलेट बाबा निकटतम जोधपुर हवाई अड्डे ( 51 किलोमीटर ) से पहुंच सकते हैं जो दिल्ली, मुंबई के नियमित डोमेस्टिक उड़ानों के साथ जुड़ा हुआ है।