
सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) के प्रदेश महासचिव चौ. नरसिंगा राव
विशाखापत्तनम . सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) के प्रदेश महासचिव चौ. नरसिंगा राव ने विशाखापत्तनम के बजाय अमरावती में ईएसआई मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के राज्य सरकार के फैसले की कड़ी निंदा की है। विशाखापत्तनम में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के उद्योगों की संख्या सबसे अधिक है।
राव ने टीडीपी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार से अपना रवैया छोडऩे का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार अमरावती को आंध्र प्रदेश का पर्याय मान रही है। केंद्र द्वारा विशाखापत्तनम शहर के शीलानगर में 500 बिस्तरों वाले ईएसआई अस्पताल की घोषणा पहले ही की जा चुकी है, इसलिए संलग्न ईएसआई मेडिकल कॉलेज विशाखापत्तनम में ही बनाया जाना चाहिए। इसके अलावा, उत्तरी आंध्र में 14 लाख ईएसआई ग्राहक थे और ईएसआई अस्पताल और मेडिकल कॉलेज उनकी जरूरतों को पूरा करेंगे।
नरसिंगा राव ने कहा कि टीडीपी के नेतृत्व वाली सरकार विशाखापत्तनम स्टील प्लांट (वीएसपी) को स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के साथ विलय करने या प्लांट को कैप्टिव खदानें प्रदान करने के अपने चुनावी वादे को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब वीएसपी को घाटे में धकेलने और इसे निजी खिलाडिय़ों को सौंपने की कोशिश हो रही है। उन्होंने वीएसपी को बचाने की कोशिश करने के बजाय, नक्कापल्ली में आर्सेलर मित्तल स्टील प्लांट की घोषणा करने के लिए टीडीपी के नेतृत्व वाली सरकार का उपहास किया।
Updated on:
24 Dec 2024 12:21 am
Published on:
24 Dec 2024 12:20 am
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