
रंगों का महत्व हमारे जीवन पर बहुत गहरा होता है। रंग हमारे विचारों को प्रभावित करते हैं तथा हमारी सफलता व असफलता के कारक भी बनते हैं। शुभ रंग भाग्योदय कारक होते हैं और अशुभ रंग भाग्य में कमी करते हैं। विभिन्न रंगों को वास्तु के विभिन्न तत्वों का प्रतीक माना जाता है। नीला रंग जल का भूरा पृथ्वी का और लाल अग्नि का प्रतीक है। वास्तु और फेंगशुई में भी रंगों को पांच तत्वों जल, अग्नि, धातु, पृथ्वी और काष्ठ से जोड़ा गया है। इन पांचों तत्वों को अलग-अलग शाखाओं के रूप में जाना जाता है।
घर का रंग हमें प्रभावित करता है
वास्तु शास्त्र के अनुसार हमारे घर की हर चीज हमें प्रभावित करती है उसी तरह घर की दीवारों का रंग भी हमारे सोच विचारए स्वभाव और कार्यप्रणाली को पूरी तरह प्रभावित करता है। सामान्यतः रंग को देखते ही हमारे अंदर रंग के अनुरूप कुछ.कुछ होने लगता है जैसे. सफेद रंग को देखते ही मन को शांति मिलती है वही लाल रंग को देखकर मन में उतावलापन बढ़ जाता है और यदि अपने घर या अपार्टमेंट के इंटीरियर में रंगों का सही इस्तेमाल करके अपने व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन में आने वाली समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है।
आपके घर के कमरों के लिए कौन सा रंग है सही
घर की छत का कलर
वास्तु के अनुसार घर और मकान की छतों का रंग सफेद होना चाहिए क्योंकि छतें ब्रह्मस्थान की भूमिका निभाती हैं और रोशनी को रिफ्लेक्ट करती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। इसलिए छतों पर सफेद रंग करना वास्तु में सही गया है।
पूजा का कक्ष
पुजा कक्ष में बैठकर हम सब ध्यान और साधना के माध्यम से अपने मन की शांति तथा इच्छाओं की पूर्ति के लिए भगवान से प्रार्थना करते है। इसलिए पूजा घर में ऐसे रंग का प्रयोग करना चाहिए जो हमें एकाग्रता प्रदान करे। पूजा घर में गहरे अथवा विभिन्न प्रकार के अलग.अलग रंगों का प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योकि वह मन को भ्रमित कर सकता है।पूजा वाले कक्ष में सफेद, लाल रंग, गुलाबी रंग और हरा रंग करना चाहिए क्योंकि इन रंगों को शुभ माना जाता है।
हॉल (प्रवेश रुम)
हॉल यानि घर के पहले कमरा, बैठक कक्ष या हम असे मेहमान का कमरा या स्वागत कक्ष भी कहते है। हमारे घर का बहुत ही महत्त्वपूर्ण कमरा होता है क्योंकि यहां घर के सभी सदस्य एक साथ बैठते है। और इस रूम में ऐसे रंगों का प्रयोग करे जो आपके इंटीरियर में चार चांद लगा दे। सफेद, गुलाबी, पीला, क्रीम या हल्का भूरा रंग तथा हल्का नीला रंग का प्रयोग करना चाहिए। इससे घर में सकारात्मक उर्जा आती है।
बेडरुम (शयन कक्ष)
अपने बेडरुम में हल्के रंगों का प्रयोग करना चाहिए कक्ष की दीवारों पर तीखे व चुभने वाले रंगों का प्रयोग नहूीं करना चाहिए। आप जिस कमरे में आप सोते हैं यानि कि बेडरूम में गुलाबी, हरा रंग, हल्का रंग या नीला रंग भी करवा सकते हैं। इससे स्वभाव में सौम्यता आती है।
स्टडी रुम (अध्ययन कक्ष)
अध्ययन कक्ष के लिए हल्के कलर का करवाना चाहिए। क्रीम कलर, हल्का जामुन, हल्का हरा या गुलाबी, आसमानी या पीला रंग का प्रयोग करना अच्छा होता है।
किचन (रसोईघर)
आपके रसोईघर जहां खाना बनाते है उस कमरे में आप सफेद रंग, क्रीम, लाल, हल्का गुलाबी रंग का प्रयोग कर सकते है।
बाथरूम और टॉयलेट का रंग
आपके बाथरूम का रंग सिलेटी, काला, गुलाबी और हल्का आसमानी रंग का प्रयोग करने से मन को सुकुन मिलता है।
Published on:
23 Apr 2018 12:38 pm
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