
LPG Shortage in MP 15 percent stock only(photo:patrika creative)
धार. अमरीका, इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने से जिले में रसोई गैस सिलेंडरों की किल्लत के हालात बनने लगे हैं। खासकर कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई प्लांट स्तर से बंद होने के बाद होटल-रेस्टोरेंट कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है, वहीं घरेलू सिलेंडर के लिए भी उपभोक्ताओं को एजेंसियों और गोदामों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। बुधवार को शहर की कई गैस एजेंसियों के कार्यालयों पर आधे दिन से अधिक समय तक ताले लटके रहे, जिससे सिलेंडर लेने पहुंचे लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति रुकने से शहर के होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों की धडकऩें तेज हो गई हैं। अधिकांश प्रतिष्ठानों के पास दो से तीन दिन का ही स्टॉक बचा है। यदि इस दौरान आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो कई होटल और भोजनालयों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है। होटल-हलवाई एसोसिएशन के पदाधिकारी संजय जोशी के अनुसार शहर में 200 से अधिक होटल, रेस्टोरेंट और ढाबे संचालित हैं, जहां कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग होता है। यदि आपूर्ति जल्द शुरू नहीं हुई तो कारोबार पर बड़ा असर पड़ सकता है, खासकर शादी-समारोह और त्योहारी सीजन में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
घरेलू सिलेंडर की आपूर्ति जारी रहने के सरकारी आश्वासन के बावजूद लोगों में आशंका के कारण बुकिंग और मांग दोगुनी हो गई है। जैसे ही लोगों को जानकारी मिली कि सिलेंडर की अगली बुकिंग 25 दिन बाद होगी, वैसे ही उपभोक्ताओं ने एजेंसियों के चक्कर लगाना शुरू कर दिए। बुधवार को नौगांव स्थित पुराने आरटीओ कार्यालय के पास धार गैस एजेंसी और चाणक्यपुरी में केंद्रीय विद्यालय के पास भारत गैस एजेंसी के कार्यालय बंद मिले। ग्रामीण क्षेत्रों से आए दुर्गेश चौहान और दिनेश कुशवाह जैसे कई उपभोक्ता सिलेंडर नहीं मिलने से निराश होकर लौट गए।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अनुसार जिले में अलग-अलग कंपनियों की 46 गैस एजेंसियां संचालित हैं। इनके माध्यम से घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर का वितरण होता है। जिले में 4 लाख 80 हजार गैस कनेक्शनधारी हैं, जिनमें से करीब 80 प्रतिशत घरेलू उपयोग और 20 प्रतिशत व्यावसायिक उपयोग के लिए सिलेंडर लिया जाता है। इतनी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को नियमित आपूर्ति बनाए रखना विभाग के लिए चुनौती बन गया है।
शहर के कुछ हिस्सों में पाइपलाइन गैस कनेक्शन होने के कारण फिलहाल वहां स्थिति सामान्य बनी हुई है। लगभग आधे शहर में गैस लाइन बिछी होने से कई कॉलोनियों में घरों तक सीधे गैस आपूर्ति हो रही है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर पर निर्भरता अधिक होने के कारण समस्या बढ़ सकती है।
Published on:
12 Mar 2026 12:37 pm
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