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Crime News: शराब घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र और दीपेन्द्र को भेजा जेल

अभियोजन पक्ष के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को आश्वासन दिया है कि 3 महीने में जांच पूरी कर ली जाएगी। दोनों पक्षों का तर्क सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने स्वीकार करते हुए जेल रिमांड आदेश जारी किया।
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रायपुर

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Rabindra Rai

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Updated: 7 Oct 2025, 12:26 AM IST

Crime News: शराब घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र और दीपेन्द्र को भेजा जेल

Crime News: शराब घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र और दीपेन्द्र को भेजा जेल

ईओडब्ल्यू ने 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में पूछताछ करने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य और दीपेन्द्र चावड़ा को 13 अक्टूबर तक के लिए जेल भेज दिया है। दोनों को विशेष न्यायाधीश की अदालत में सोमवार को पेश किया गया।

दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद आदेश जारी

अभियोजन पक्ष ने बताया कि उनकी पूछताछ पूरी हो चुकी है। इस समय प्रकरण की जांच चल रही है। इसे देखते हुए चैतन्य और दीपेन्द्र को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का अनुरोध किया। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता फैजल रिजवी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए बताया कि ईडी को 3 महीने और ईओडब्ल्यू को दो महीने के भीतर जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं। चैतन्य की अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने पर अभियोजन पक्ष के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को आश्वासन दिया है कि 3 महीने में जांच पूरी कर ली जाएगी। दोनों पक्षों का तर्क सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने स्वीकार करते हुए जेल रिमांड आदेश जारी किया।

मनी लॉन्ड्रिंग की जांच, गिरफ्तार किया

बता दें कि ईडी ने शराब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच करने के लिए 18 जुलाई को चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने के बाद जेल भेज दिया था। इसी प्रकरण में दर्ज प्राथमिकी की जांच करने के ईओडब्ल्यू ने जेल में बंद चैतन्य को 24 सितंबर को गिरफ्तार कर पूछताछ करने पुलिस रिमांड पर लिया था। इसकी अवधि पूरी होने पर फिर से जेल भेज दिया गया है।

जमानत के लिए आवेदन

शराब घोटाले में जेल भेजे गए चैतन्य बघेल की ओर से लगाए गए जमानत आवेदन पर 8 अक्टूबर को सुनवाई होगी। ईओडब्ल्यू के विशेष न्यायाधीश की अदालत में लगाए गए आवेदन में बताया गया है कि शराब घोटाला में आरोपी बनाए गए लक्ष्मीनारायण उर्फ पप्पू बंसल के बयान के आधार पर चैतन्य को आरोपी बनाया है। जबकि उसे फरार घोषित किया गया है। बिना किसी पुख्ता साक्ष्य एक आरोपी के बयान के आधार पर उनके पक्षकार के खिलाफ अपराध नहीं बनता है। इसी प्रकरण में 29 लोगों को बिना गिरफ्तार किए चालान पेश किया गया है। वहीं, 10 लोगों को जमानत पर रिहा किया जा चुका है। इसे देखते हुए चैतन्य को जमानत दिए जाने का अनुरोध किया गया है। इस आवेदन पर विशेष न्यायाधीश दोनों पक्षों का तर्क सुनने के बाद अपना फैसला सुनाएंगे।