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Gujarat: फोरेक्स ट्रेडिंग में निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर ठगी, पांच गिरफ्तार

साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की टीम ने राजकोट, आणंद से पकड़ा, शिकायतकर्ता को 2.30 करोड़ की चपत लगाने का है आरोप, आरोपियों के विरुद्ध देशभर में दर्ज हैं 31 मामले, 15.31 करोड़ की ठगी का आरोप
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अहमदाबाद

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nagendra singh rathore

•

Updated: 29 Jun 2026, 10:05 PM IST

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साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस टीम की गिरफ्त में आरोपी।

Ahmedabad. फोरेक्स ट्रेडिंग में निवेश करने पर अच्छे मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपए ठगने वाले गिरोह के पांच आरोपियों को गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की टीम ने पकड़ा। राजकोट और आणंद के इन आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन, एक फर्जी आधारकार्ड और पैनकार्ड भी बरामद किया गया। इनके विरुद्ध देशभर में साइबर ठगी के मामले दर्ज होने की बात सामने आई है।

साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के पुलिस अधीक्षक डॉ.राजदीप सिंह झाला ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि पकड़े गए आरोपियों में आणंद के बैंक खाता धारक राज पडसाला, राजकोट के बैंक खाता सप्लायर याज्ञिक रामाणी, लक्ष्मण वाघेला, डॉ.जयदीप आरदेसणा और बैंक खाता प्रोवाइडर सागर गोकाणी शामिल हैं।

पहले निकालने दी मुनाफे की राशि, बाद में 2.30 करोड़ ठगे

प्राथमिकी के तहत मेट्रीमोनियल साइट पर जिग्याशा कपूर नाम से दिलसफर नाम की एप्लीकेशन पर अकाउंट धारक युवती ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया था। उसने फोरेक्स ट्रेडिंग में निवेश पर अच्छे मुनाफे की बात कही और रोबोफोरेक्स नाम के वेबपेज में अकाउंट खुलवाया। शुरूआत में 50 हजार का निवेश कराया और उस पर हुए मुनाफे को अकाउंट से निकालने भी दिया। जिससे शिकायतकर्ता को विश्वास हो गया। उसके बाद टेलीग्राम चैनल के जरिए अलग-अलग बैंक खाताओं का ब्यौरा भेजकर उसमें निवेश के नाम पर 1.47 करोड़ की राशि जमा करवा ली। उसके सामने अच्छा मुनाफा भी ऑनलाइन दिखाया। जब शिकायतकर्ता मुनाफे की राशि निकालने लगे तो रोबोफोरेक्स का वेबपेज लॉक होने का मैसेज आने लगा। उसे अनलॉक करने के लिए 83 लाख रुपए भरवाए। फिर विड्रॉअल के चार्ज के नाम पर राशि जमा करवाई। उसके बाद भी अलग अलग बहाने से रुपए जमा कराते रहे।ऐसा करके शिकायतकर्ता के पास से 2.30 करोड़ रुपए की राशि ले ली और वापस नहीं देकर विश्वासघात किया। इस संबंध में शिकायतकर्ता ने प्राथमिकी दर्ज कराई।

केमिकल कंपनी के नाम पर खुलवाए खाते का ठगी में उपयोग

प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी राज ने खुद की कंपनी आर.पी.केमिकल्स के नाम से बैंक में खाता खुलवाया। इस बैंक अकाउंट की किट को उसने याज्ञिक को कमीशन पर दे दिया। याज्ञिक ने उपलेटा में क्लीनिक चलाने वाले डॉ.जयदीप के जरिए लक्ष्मण का संपर्क किया। उससे पंकज का संपर्क हुआ और फिर दिल्ली के राहुल से बात हुई। उसने नेपाल में सरफराज के जरिए बैंक खाते की किट का उपयोग करते हुए शिकायतकर्ता के पास से ठगे गए पैसे अकाउंट में जमा करवाए। उसके बाद उसे निकाल लिए।

अकाउंट के विरुद्ध देशभर में दर्ज हैं 31 शिकायतें

एसीसीआरपी पोर्टल पर इस बैंक अकाउंट की जांच करने पर पता चला कि आर.पी.केमिकल के अकाउंट के विरुद्ध देशभर में साइबर ठगी की 31 शिकायतें दर्ज हैं। इसमें 15.31 करोड़ की ठगी का आरोप है।