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हुब्बल्ली की प्रतीक ‘रानी चन्नम्मा’ प्रतिमा पर फैसला अधर में

हुब्बल्ली की प्रतीक ‘रानी चन्नम्मा’ प्रतिमा पर फैसला अधर में 349 करोड़ रुपए की फ्लाईओवर परियोजना उलझी हुब्बल्ली. शहर के केंद्र में स्थित कित्तूर रानी चन्नम्मा सर्कल पर 349 करोड़ रुपए की लागत से फ्लाईओवर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन शहर की पहचान मानी जाने वाली रानी चन्नम्मा की प्रतिमा को […]

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Decision on Hubballi's iconic 'Rani Channamma' statue in limbo

हुब्बल्ली के रानी चन्नम्मा सर्कल पर चल रहा फ्लाईओवर कार्य।

हुब्बल्ली की प्रतीक ‘रानी चन्नम्मा’ प्रतिमा पर फैसला अधर में

349 करोड़ रुपए की फ्लाईओवर परियोजना उलझी

हुब्बल्ली. शहर के केंद्र में स्थित कित्तूर रानी चन्नम्मा सर्कल पर 349 करोड़ रुपए की लागत से फ्लाईओवर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन शहर की पहचान मानी जाने वाली रानी चन्नम्मा की प्रतिमा को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी चिंता का विषय बनी हुई है। प्रतिमा को ऊंचा करने, यथास्थिति में रखने या किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने जैसे विकल्पों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

फ्लाईओवर की ऊंचाई प्रतिमा से मात्र पांच-छह फीट अधिक होगी। ऐसे में आशंका है कि यदि प्रतिमा मौजूदा स्थान पर ही रही तो उसका दृश्य और ऐतिहासिक महत्व कम हो जाएगा। वहीं, प्रतिमा को ऊंचा करने पर फ्लाईओवर यातायात में बाधा आने की संभावना जताई जा रही है। इसी दुविधा के चलते अधिकारी और जनप्रतिनिधि तटस्थ बने हुए हैं।

पूर्व महापौर डॉ. पांडुरंग पाटील ने कहा कि परियोजना की योजना बनाते समय ही प्रतिमा के संरक्षण का समाधान निकालना चाहिए था।

सामाजिक कार्यकर्ता लिंगराज धारवाड़शेट्टर ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के चलते प्रतिमा धूल से ढक गई है और भारी पिलरों के बीच लगभग अदृश्य हो चुकी है।

जनता में यह चिंता गहराती जा रही है कि यदि समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो फ्लाईओवर पूरा होने के बाद चन्नम्मा प्रतिमा प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक बन जाएगी। नागरिकों ने मांग की है कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाएं और शहर की ऐतिहासिक अस्मिता की रक्षा करें।