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टेल क्षेत्र में सूखी नहर, किसानों की सुनवाई नहीं

बड़ाखेड़ा क्षेत्र के दर्जनों गांवों में गेहूं, सरसों और चने की फसल को पानी की सख्त जरूरत है, लेकिन नहरों में पानी नहीं है। किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है, सीएडी विभाग से पानी की आपूर्ति का आश्वासन मिला था, लेकिन अभी तक टेल क्षेत्र के खेत सूखे पड़े हैं।

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Patrika Desk

Nov 06, 2024

बड़ाखेड़ा, लबान, माखीदा, बंसवाडा, पापड़ी, जाड़ला, पीपल्दा, सामरा, बहडावली सहित दर्जन भर गांवों के किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ नज़र आ रही हैं। गेहूं, सरसों, चना की फसलों को सिंचाई की सख्त ज़रूरत है, लेकिन नहरों में पानी की कमी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

टेल क्षेत्र की नहर में पानी तो छोड़ा गया है, लेकिन नाम मात्र का पानी चल रहा है। किसान हनुमान, मुकेश, गिरिराज मीणा, बंशीलाल मीणा, पवन मीणा, सुरेन्द्र शर्मा आदि ने बताया कि टेल क्षेत्र के किसानों को नहरी पानी का बेसब्री से इंतज़ार है। किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होने से उनकी चिंता बढ़ती जा रही है।

किसानों की मांग है कि सिंचाई के लिए नहर में पूरी तरह पानी छोड़ा जाए ताकि उन्हें अपनी फसलों की सिंचाई करने में आसानी हो और टेल क्षेत्र के किसानों को सिंचाई से वंचित नहीं रहना पड़े।

सीएडी विभाग के अधिकारियों से किसानों की वार्ता हुई थी, जिसमें उन्हें आश्वासन दिया गया था कि टेल क्षेत्र के किसानों को भी पानी मिलेगा। लेकिन अभी तक दर्जनों गांवों की नहर और माइनर सूखी पड़ी हुई हैं। नहर में धूल उड़ रही है और किसान पानी के इंतज़ार में बेचैन हैं।

सरपंच लबान, बुद्धिप्रकाश मीणा का कहना है:

टेल क्षेत्र के दर्जनों गांवों की सैकड़ों बीघा ज़मीन को नहरी पानी की दरकार है, लेकिन अभी तक टेल क्षेत्र के खेतों तक पानी नहीं पहुँच रहा है। सीएडी विभाग के अधिकारियों को अपनी ज़िम्मेदारी निभाते हुए किसानों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए ताकि उन्हें परेशानी न हो।"

सीएडी लबान के कनिष्ठ अभियंता, छोटू लाल मीणा ने बताया:

"टेल क्षेत्र 955 चेन संख्या पर पानी चल रहा है। 9 तारीख तक टेल क्षेत्र के बचे हुए गांवों तक पानी पहुँचने की कोशिश जारी है। जहां नहर में पानी नहीं पहुँच पा रहा है, उस जगह पर पानी पहुँच जाएगा।"

किसानों की समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द हो और उनकी प्यासी ज़मीन को पानी मिल सके, यह सभी की उम्मीद है।

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