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पानी के लिए पहले पीले चावल को लेकर विवाद हुआ तो इस बार किसान नेता पहुंचे पीले चावल लेकर

अफसर की टेबल पर रखे पीले चावल, फिर मांगा सिंचाई के लिए पानी, पूर्व में किसानों से कहा गया था कि फसल बुवाई के लिए नहीं दिए थे पीले चावल, किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी

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Earlier there was a dispute over yellow rice for water, this time the farmer leader arrived with yellow rice

Earlier there was a dispute over yellow rice for water, this time the farmer leader arrived with yellow rice

हनुमानगढ़. हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले के किसानों ने सिंचाई पानी की मांग को लेकर जल संसाधन विभाग कार्यालय में रोष जताया। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने सोमवार को मुख्य अभियंता प्रदीप रूस्तगी की टेबल पर पहले पीले चावल रखे और फिर गंग कैनाल व भाखड़ा नहर प्रणाली में सिंचाई के लिए पूरा पानी उपलब्ध कराने की मांग उठाई। मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
ज्ञात रहे कि कुछ समय पहले जब किसान पानी की मांग को लेकर मुख्य अभियंता के पास गए थे तो उनकी जुबान फिसल गई थी। बांधों में पानी कम होने की पूर्व सूचना देने के बावजूद गेहूं की बिजाई करने पर कहा था कि इसके लिए आपको पीले चावल नहीं दिए गए थे। इसलिए इस बार पानी की मांग को लेकर जब किसान आए तो साथ में पीले चावल भी लाए जो सांकेतिक रूप से मुख्य अभियंता को दिए। ज्ञापन देने वालों में किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष संदीप सिंह, जगमीत सिंह, कश्मीर सिंह, मनप्रीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, सुभाष मक्कासर आदि शामिल रहे।

जता रहे असमर्थता

किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष संदीप सिंह ने कहा कि नरमे की बुवाई की जा रही है, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में पानी की जरूरत है। विभागीय अधिकारी शेयर कम होने का हवाला देकर किसानों को पूरा पानी देने में असमर्थता जता रहे हैं। किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने का अंदेशा है। इसके चलते अब धैर्य जवाब दे रहा है। यदि जल्द नहरों में पूरा पानी नहीं छोड़ा गया तो किसान सडक़ पर उतरने को मजबूर होंगे। पीले चावल देकर किसानों ने सांकेतिक रूप से यह संदेश दिया कि यदि उनकी आवाज अनसुनी की गई तो वे बड़े आंदोलन की ओर कदम बढ़ाएंगे। पहले भी कई बार विभाग को ज्ञापन सौंप चुके हैं, अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है।