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गुजरात में इस साल अब तक मौसम की हो 122 प्रतिशत बारिश हो जाने के चलते बांधों का जलसंग्रह भी लगातार बढ़ रहा है। राज्य के 207 प्रमुख बांधों में से 56 फीसदी यानि 117 बांध पूरी तरह से भर गए हैं। इनमें क्षमता का 100 फीसदी से ज्यादा पानी जमा हो चुका है। सौराष्ट्र में सबसे अधिक 82 बांध लबालब हो गए हैं।
राज्य में सरदार सरोवर नर्मदा समेत 207 बांधों में जलसंग्रह की क्षमता 25254.03 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) है, इसकी तुलना में रविवार तक 21472.45 एमसीएम पानी इन बांधों में जमा हो चुका है, जो 85 फीसदी से अधिक है। फिलहाल रीजन के आधार पर देखा जाए तो मध्य गुजरात के 17 बांधों में से नौ लबालब हो गए हैं। यहां के सभी बांधों में औसतन 95.84 फीसदी जलसंग्रह हो गया है। कच्छ रीजन के 20 बांधों में से 15 में चादर चल गई है, इस रीजन में 87.82 फीसदी जल संग्रह हो गया है। सबसे अधिक 141 बांधों वाले सौराष्ट्र रीजन में फिलहाल 82 बांध ऐसे हैं जो 100 फीसदी तक भर गए हैं। सौराष्ट्र के सभी बांधों में जलसंग्रह की क्षमता 2588.52 एमसीएम है, इसकी तुलना में 2232.66 एमसीएम (86.25 फीसदी) पानी का संग्रह हो चुका है। दक्षिण गुजरात रीजन में भी जल संग्रह की स्थिति बेहतर है। यहां के 13 बांधों में से नौ में चादर चली हुई है। इस रीजन में कुल 8603.70 एमसीएम की क्षमता के मुकाबले रविवार तक 7257.16 एमसीएम जल संग्रह हो गया है। जबकि सबसे कम 59.87 फीसदी जल संग्रह उत्तर गुजरात रीजन के बांधों में हुआ है। इस रीजन में कुल 15 बांधों में से दो ही पूरी तरह से भरे हैं।
सरदार सरोवर नर्मदा बांध में संग्रह क्षमता 9460 एमसीएम के मुकाबले 8292.40 एमसीएम संग्रह हो चुका है, यह 87.66 फीसदी है। बांध की ऊंचाई 138.68 मीटर है और फिलहाल बांध का जलस्तर 134.94 मीटर है।
राज्य के 207 बांधों में से 90 फीसदी से अधिक जल संग्रह होने से 141 बांधों को हाईअलर्ट किया है। 13 बांधों में 80 से लेकर 90 फीसदी तक जल संग्रह है और सात बांधों में 70 फीसदी से लेकर 80 फीसदी तक जल संग्रह हैं, इन्हें क्रमश: अलर्ट और वार्निंग मोड पर रखा गया है। 45 बांधों में 70 फीसदी से कम जल संग्रह है।
Published on:
08 Sept 2024 10:56 pm
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