दिव्यांग महिला पहुंची जनसुनवाई में
इंदौर। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ महिला कर्मचारी की मौत के 20 साल बाद भी उसके परिवार के किसी सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिल सकी। मंगलवार को उनकी दिव्यांग बेटी निगम मुख्यालय पहुंची। पीडिता की फरियाद सुनने निगम आयुक्त अपने दफ्तर से बाहर आए और जल्द प्रकरण के निराकरण का आश्वासन दिया। पीडिता ने यह भी कहा कि अब तक के अफसरों के बर्ताव से कभी लगा नहीं था कि उनका काम होगा।
7 साल बाद बता दिया अनफिट
पीडिता रेखा चौहान के मुताबिक मां रूपा पति कन्हैयालाल नगर निगम में स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ थी। ड्यूटी के दौरान ही उनकी वर्ष 2003 में मौत हो गई थी। पांच भाइ बहन थे, दो बहनों की शादी हो चुकी थी। सभी भाई बहन की सहमति से मैंने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन नगर निगम में किया था। लेकिन निगम अफसरों ने उस आवेदन पर कुछ नहीं किया।और करीब 7 साल बाद मुझे ड्यूटी के लिए अनफिट बताते हुए नौकरी देने से मना कर दिया। इसके बाद मेरे भाई ने नौकरी के लिए आवेदन किया था लेकिन नगर निगम ने इसमें भी कुछ समय बाद जबाब दे दिया कि अब यह नियुक्ति बंद हो गई है।
कमिश्नर हर किसी की मदद करते इसलिए आए
पीडिता के परिवार के सदस्य अमन चौहान के मुताबिक अब तक के अफसरों के बर्ताव से हमेशा यही लगता था कि यह हमारी सुनेगे भी नहीं और काम नहीं करेंगे। लेकिन पिछले कुछ समय से देखा था कि आयुक्त शिवम वर्मा हर किसी की मदद करते हैं। हम लोगो की पारिवारिक स्थिति ठीक नहीं है। इसलिए हमारी बुआ जो कि अब दिव्यांग है उन्हें लेकर निगम मुख्न्यालय पहुंचे थे।
बाइक से दिक्कत होगी मेरी गाड़ी से घर छोड़कर आ जाओ- आयुक्त
दिव्यांगपीडिता की फरियाद सुनने के लिए आयुक्त शिवम वर्मा खुद अपना केबिन छोड़कर बाहर आए और महिला की फ़रियाद सुनी ।आयुक्त ने भरोसा भी दिलाया कि उनकी मदद होगी इसके साथ ही उन्होंने जब देखा की महिला दिव्यांग है तो उन्होंने परिजनों को निर्देश दिए कि आप अब इन्हें लेकर मत आना, आपकी मदद करेंगे ।इतना ही नहीं वर्मा ने अपने स्टाफ को यह भी कह दिया कि पीडिता को बाइक से जाने में दिक्कत होगी इन्हें मेरी गाडी से घर छोड़कर आ जाओ। परिवार ने इसके लिए मना कर दिया। अंत में वर्मा ने गाड़ी चला रहे लडके को भी सलाह दी कि वाहन चलाते समय हेलमेट का उपयोग करें।
आवेदन परीक्षण के निर्देश
किसी कारण से अनुकंपा नियुक्ति का आवेदन स्वीकार नहीं हो सका था ,उन्हें चोट लगने के कारण अब वो दिव्यांग हो गई है।मंगलवार को उन्होंने आवेदन दिया कि मेरी जगह मेरे भाई को नौकरी दे दी जाए। मैंने आवेदन का परीक्षण करवा कर नियम अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
शिवम वर्मा,आयुक्त नगर निगम