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डुप्लीकेट नाम से ब्रांड ट्रेडिंग कंपनी की बनाई फर्जी लिंक, कोल माइंस अधिकारी से ९४ लाख निवेश कराकर ठगा

-दमोह जिले में साइबर ठगी का अब तक का सबसे बड़ा मामला -एसपी के निर्देश पर साइबर सेल ने की जांच, जिस खाते में राशि हुई थी ट्रांसफर, उसमें बचे २२ लाख रुपए पर लगवाया होल्ड एक्सक्लूसिव

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दमोह

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Aakash Tiwari

Jan 18, 2025



दमोह. देश की प्रमुख ट्रेडिंग कंपनी के नाम से फर्जी डुप्लीकेट कंपनी बनाकर निवेशकों को साइबर जालसाज चूना लगाने में जुटे हुए हैं। इस तरह की ठगी का एक मामला दमोह में भी सामने आया है। इसमें साइबर ठगों ने पीडि़त व्यक्ति को झांसे में लेकर ९४ लाख रुपए निवेश करा लिए। बाद में बेवासाइट लॉक कर फरार हो गए हैं। इस मामले में पीडि़त ने साइबर सेल और एसपी से शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि साइबर सेल ने तत्परता दिखाते हुए पीडि़त के २२ लाख रुपए बैंक में होल्ड करा लिए हैं। परेशानी की बात यह है कि साइबर जालसाज ७२ लाख रुपए बैंक से निकालने में कामयाब हो गए हैं।
साइबर से मिली जानकारी के अनुसार आरबी सिंह (परिवर्तित नाम) ने शिकायत में बताया था कि उसने गोल्ड मेन लेड नामक ट्रेडिंग कंपनी में ९४ लाख रुपए निवेश किए थे। उससे भूल यह हुई कि उसने ट्रेडिंग कंपनी के नाम को ठीक से नहीं देखा था। दरअसल वह प्रमुख टे्रडिंग के नाम पर बनाई एक फर्जी ट्रेडिंग कंपनी थी। इधर, एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने शिकायत के बाद साइबर सेल को छानबीन में लगाया। साइबर टीम ने सबसे पहले उस बैंक का पता लगाया, जिसमें यह भारी भरकम राशि ट्रांसफर हुई थी। उसका पता लगते ही बैंक प्रबंधन से मिलकर उस खाते पर होल्ड लगवाया। राहत की बात थी कि उस बैंक खाते में २२ लाख रुपए बचे थे। ७२ लाख रुपए जाल साज निकाल चुके थे।
-कोलमाइंस का अधिकारी था पीडि़त
पुलिस के अनुसार पीडि़त कोलमाइंस कंपनी का एक बड़ा अधिकारी था। सेवानिवृत्त होने के बाद उसने शेयर में इन्वेस्ट करने के लिए निवेश किया था। बताया जाता है कि बेवसाइट पर उसे इस फर्जी कंपनी की लिंक मिली थी। इधर, पुलिस ने पीडि़त की रिपोर्ट पर अज्ञात जालसाजों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और उन तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।
-मुनाफा दिखाकर जाल में फंसा रहे ठग
इस मामले में पड़ताल के दौरान मालूम चला है कि यह ठग फर्जी नाम से ट्रेडिंग कंपनी की लिंक तैयार करते हैं। कंपनी का नाम ब्रांडेड कंपनी से मिलता जुलता होता है। इससे वह आसानी से लोगों को मूर्ख बनाते हैं। इधर, इन्वेंस्ट करने के बाद निवेशकों को अच्छा खासा मुनाफा भी दिखाया जाता है। ताकि और अधिक राशि निवेशक लगाएं। जब भारी भरकम राशि निवेश करा लेते हैं तब वह अपनी लिंक लॉक कर फरार हो जाते हैं।

वर्शन
डुप्लीकेट कंपनी बनाकर फर्जी तरीके से एक व्यक्ति से ९४ लाख रुपए निवेश कराए गए हैं। इसकी शिकायत पर जांच कराई गई है। साइबर सेल ने एक आरोपी के बैंक खाते को होल्ड कराने में सफलता प्राप्त की है। आरोपी इस खाते से २२ लाख रुपए नहीं निकाल पाए थे। मामले में पड़ताल जारी है।
श्रुतकीर्ति सोमवंशी, एसपी दमोह