
farmers stand in a queueनरसिंहपुर. जिले में खाद के लिए परेशान किसानों को लाइन में लगने और भटकने की समस्या से छुटकारा नहीं मिल रहा है। रोजाना बड़ी संख्या में किसान जहां गोदामों, वितरण केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, वहीं मंगलवार को बड़ी संख्या में किसानों की भीड़ टोकन मिलने में हो रही समस्या से परेशान होकर कलेक्ट्रेट स्थित कृषि विभाग के दफ्तर पहुंच गई। पहले तो अधिकारियों ने परिसर में ही किसानों को समझाने का जतन किया लेकिन जब बात नहीं बनी तो सभी को कार्यालय ले जाया गया और यहां किसानों की लाइन लगवाकर उनके नाम-मोबाइल नंबर लिखे गए। किसानों को भरोसा दिलाया गया कि सब किसानों को टोकन मिलेंगे और जल्दी ही उन्हें खाद दिलाया जाएगा।
जिले के डबल लॉक केंद्रों से खाद वितरित करने टोकन व्यवस्था लागू की गई है। लेकिन किसानों की शिकायत यह है कि टोकन के लिए जो नंबर निर्धारित किया गया है उसपे कॉल नहीं लग रहा है। जिसके कारण ही मंगलवार को किसान कलेक्ट्रेट पहुंच गए। कृषि विभाग का कहना है कि 230 किसानों को टोकन जारी किए गए हैं। खाद का भंडारण भी पर्याप्त है लेकिन किसान अधिक मात्रा में खाद का उठाव कर रहे हैं जिससे समस्या बन रही है। कई किसान बिना टोकन के ही खाद लेने पहुंच रहे हैं। कई किसान तो ऐसे हैं जो कहीं मंडी के गोदाम तो कहीं पुराने बस स्टैंड स्थित गोदाम केंद्र भटक रहे हैं ताकि कहीं से भी उन्हें खाद मिल जाए। जिससे खेती का कार्य हो सके।
प्रशासन का दावा पारदर्शिता से वितरण
प्रशासन जिले में पीओएस मशीनों के जरिए खाद का पारदर्शिता से वितरण करने का दावा कर रहा है। एक दिसंबर को नरसिंहपुर रेक प्वाइंट पर पुन: 2674.5 मीट्रिक टन यूरिया की प्राप्ति दर्ज की गई है। गाडरवारा रेक प्वाइंट पर भी उर्वरक कंपनियों द्वारा नियमित आपूर्ति की जा रही है। कृषि विभाग के अनुसार अभी यूरिय 2416 मीट्रिक टन,
डीएपी 1906, एनपीके 2524, एसएसपी 7443 मीट्रिक टन है। एक यूरिया रैक 20-20-013 प्रस्तावित है जो 5361 मीट्रिक टन होगी।
वर्जन
जो किसान आए थे उनके नाम-नंबर नोट किए हैं, सभी को टोकन मिलेंगे और खाद उपलब्ध कराया जाएगा। मांग लगातार बनी है जिससे यह समस्या है। करीब 230 टोकन का वितरण हो चुका है।
मोरिश नाथ, उपसंचालक कृषि नरसिंहपुर
Updated on:
3 Dec 2025, 12:33 PM IST
Published on:
3 Dec 2025, 12:33 PM IST
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