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बाप-बेटा सालों से कर रहे नशीली दवाओं का कारोबार, सागर में कटरबाजों को बेचते थे नशे की गोलियां

छह माह में पांच करोड़ के सिरप खपाए, रीवा में नशीला सिरप सप्लाई करने वाले थोक दवा विक्रेता नारकोटिक्स की भी रडार पर सागर. नशीले सिरप की रीवा में सप्लाई करने वाले बाप-बेटा मिलकर सालों से नशीली दवाओं का कारोबार कर रहे हैं। रीवा में हुई कार्रवाई के बाद जब इस मामले की पड़ताल की […]

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सागर

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Nitin Sadaphal

Aug 09, 2024

आरोपियों का बंद पड़ा मेडिकल दुकान

आरोपियों का बंद पड़ा मेडिकल दुकान

छह माह में पांच करोड़ के सिरप खपाए, रीवा में नशीला सिरप सप्लाई करने वाले थोक दवा विक्रेता नारकोटिक्स की भी रडार पर

सागर. नशीले सिरप की रीवा में सप्लाई करने वाले बाप-बेटा मिलकर सालों से नशीली दवाओं का कारोबार कर रहे हैं। रीवा में हुई कार्रवाई के बाद जब इस मामले की पड़ताल की तो पता चला कि सागर में इनका चंद्रशेखर वार्ड में तीन मढ़िया के पास मेडिकल स्टोर भी है, जहां से कुछ साल पहले यह शहर के कटरबाजों को नशीली गोलियां बेचते थे। जिसको लेकर मोतीनगर थाना पुलिस ने इनके खिलाफ मामला भी पंजीबद्ध किया था, लेकिन इसके बाद भी इनका यह नशे का करोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि अब दोनों बाप बेटे रीवा पुलिस की कार्रवाई के बाद सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं और उनका मेडिकल भी बंद है।

ऐसे पकड़ में आया नशीले सिरप का कारोबार

पुलिस ने नशीले सिरप की तस्करी से जुड़े अमन मंसूरी नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया। जिसके बाद पता चला कि उसे सिरप की सप्लाई सागर के थोक दवा विक्रेता अरविंद जैन व उनके बेटे सिटिजन उर्फ सत्तू जैन की टाटा फर्म करती है। पिछले 6 माह में मंसूरी ने करीब 60 लाख रुपए का कारोबार भी सामने आया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद रीवा पुलिस ने सप्लायर की सागर स्थित गोदाम से भी 600 पेटी सिरपपकड़ा है, जिसकी कीमत करीब 1.22 करोड़ रुपए बताई जा रही है। फर्म संचालक अरविंद जैन हिमाचल प्रदेश स्थित कंपनी से थोक में नशीला सिरप मंगवाता था और इसे तस्करों को सप्लाई करता था। यह कारोबार बिना बिल के चलता था, पुलिस के हाथ फर्म का बैंक खाता लगा तो मामला सामने आया।

कंपनी भी जांच के दायरे में आई

रीवा जोन आइजी द्वारा गठित टीम ने अब सिरप कंपनी को भी जांच के दायरे में लिया है। एक दवा विक्रेता को 600 पेटी सिरप की सप्लाई कंपनी ने नियमों के दायरे में रहकर की थी या सुनियोजित नशा करोबार के लिए सप्लाई की जा रही थी। इस सबका पता लगाने के लिए पुलिस ने हिमाचल प्रदेश की सिरप बनाने वाली कंपनी को नोटिस भेजा है।

सेंट्रल तक है कारोबार की जानकारी

रीवा पुलिस की पूछताछ में एक नई बात सामने आई है। नशीले सिरप के सप्लायर और दवाइयों के थोक व्यापारी अरविंद जैन व उसके बेटे सिटीजन उर्फ सत्तू जैन के इस अवैध करोबार की जानकारी दिल्ली तक है। सेंट्रल नारकोटिक्स ब्यूरों ने कुछ समय पहले इन्हें नोटिस जारी किया था। यह नोटिस निर्धारित मात्रा से ज्यादा दवाओं के भंडारण करने को लेकर था।

स्थानीय पुलिस भी कर रही पूछताछ

मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने बताया कि करीब तीन-चार साल पहले पुलिस ने कटरबाजों पर कार्रवाई की थी, जिसमें यह बात सामने आई थी कि वे कोई नशीली टेबलेट खाते हैं और उसके बाद वारदात करते हैं। पूछताछ के बाद सत्तू जैन के मेडिकल पर जांच की तो वहां कटरबाजों द्वारा बताई गई टेबलेट मिली थीं। इसको लेकर अरविंद या सत्तू के खिलाफ मामला भी पंजीबद्ध किया था। रीवा पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के बाद भी आरोपियों के परिवार से पूछताछ की जा रही है।