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पांच लाख लोग पहुंचे पुष्प प्रदर्शनी

उत्सव ने सार्वभौमिक भाईचारे, सद्भाव और सम्मानजनक जीवन जीने का संदेश फैलाने में कामयाबी हासिल की। यह किसी भी धर्म और जाति से परे समाज की स्थापना का संदेश देने में कामयाब रहा।

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- विविध संस्कृतियों की दिखी झलक

बेंगलूरु.

दशहरा पुष्प प्रदर्शनी मैसूरु में हाल ही में संपन्न दशहरा उत्सव के प्रमुख आकर्षणों में से एक थी और लगभग पांच लाख आगंतुक इस प्रदर्शनी में आए। बागवानी विभाग के प्रयास को लोगों ने खूब सराहा है।

ये बातें मैसूरु जिला प्रभारी मंत्री एच.सी. महादेवप्पा ने सोमवार को कही। दशहरा पुष्प प्रदर्शनी के तहत आयोजित प्रतियोगिताओं के पुरस्कार वितरित करने के बाद संबोधित कर रहे मंत्री ने कहा कि पुष्प प्रदर्शनी प्रभावशाली थी और कुप्पन्न पार्क में फूलों और उनकी कलात्मक व्यवस्था को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आए।

उन्होंने कहा, दशहरा उत्सव में राज्य की विविध संस्कृतियों की झलक दिखी। उत्सव ने सार्वभौमिक भाईचारे, सद्भाव और सम्मानजनक जीवन जीने का संदेश फैलाने में कामयाबी हासिल की। यह किसी भी धर्म और जाति से परे समाज की स्थापना का संदेश देने में कामयाब रहा।मंत्री ने कहा, मैंने लोगों से सुना है कि इस वर्ष का समारोह पूरी तरह से अलग था। व्यवस्थाओं और कार्यक्रमों को सराहना मिली है। दशहरा और इसकी भव्यता को देखने के लिए सैकड़ों लोग मैसूरु आए थे। लोगों की सक्रिय भागीदारी के कारण ही मैसूरु दशहरा को लोगों का दशहरा बनाना संभव हो पाया। मैसूरु दशहरा-2024 की सफलता का श्रेय मैसूरु के लोगों को भी दिया जाना चाहिए। सफलता का श्रेय सरकार को भी जाता है। पुष्प प्रदर्शनी में कांग्रेस सरकार की पांच गारंटियों को भी प्रदर्शित किया गया।

मैसूर राज्य का नाम बदलकर कर्नाटक किए जाने के 50 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में कर्नाटक संब्रमा-50 के मद्देनजर, पीले और लाल फूलों का उपयोग करके कर्नाटक का नक्शा बनाया गया। चामुंडेश्वरी मंदिर के गोपुर के बगल में बाघ पर बैठे नंजनगुड श्री श्रीकांतेश्वर मंदिर और श्री महादेश्वर स्वामी की प्रतिकृतियां विभिन्न रंगों के फूलों का उपयोग करके बनाई गई थीं।कुप्पन्न पार्क में संगीतमय फव्वारा आगंतुकों के लिए एक अतिरिक्त आकर्षण था। पुष्प प्रदर्शनी देखने के बाद, आगंतुक शाम को संगीत पर नृत्य करते हुए फव्वारे को देखते थे। संगीतमय फव्वारा कुछ साल पहले विकसित किया गया था।