17 मार्च 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ज्येष्ठ मास 13 से, अनुष्ठान व दानपुण्य के कार्यक्रम होंगे

27 को शनि अमावस्या पर होंगे अनुष्ठान

less than 1 minute read
Google source verification

वैशाख मास की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा पर इस बार तीन विशेष योग बन रहे हैं। इसमें रवि योग में पूजा अर्चना करने से लाभ होगा। 12 मई को वैशाख माह की बुद्ध पूर्णिमा है। वैशाख मास की पूर्णिमा को लेकर मंदिरों में कई अनुष्ठान व दानपुण्य के कार्यक्रम होंगे। बुद्ध पूर्णिमा पर स्नान और दानपुण्य का विशेष महत्व होता है।

पंडित अशोक व्यास ने बताया कि सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि पर गंगा स्नान करने का विधान है। इसके साथ ही भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। सत्यनारायण भगवान की कथा का वाचन किया जाता है। वैशाख पूर्णिमा के अगले दिन से ज्येष्ठ महीने की शुरुआत होगी। इस महीने में निर्जला एकादशी समेत कई प्रमुख व्रत त्योहार आएंगे।

उदया तिथि के अनुसार 12 को बुद्ध पूर्णिमा

वैशाख पूर्णिमा जिसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है, पर ग्रह नक्षत्रों की अनुकूल स्थिति के कारण कई शुभ संयोग उत्पन्न हो रहे हैं। पंचांग के अनुसार इस वर्ष वैशाख पूर्णिमा 11 मई को शाम 8 बजकर 1 मिनट पर प्रारंभ होगी और इसका समापन 12 मई की रात 10 बजकर 25 मिनट पर होगा। इस प्रकार उदया तिथि के अनुसार 12 मई को बुद्ध पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। बुद्ध पूर्णिमा पर रवियोग का निर्माण हो रहा है। इस योग में भगवान बुद्ध की पूजा करने से स्वास्थ्य और समृद्वि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी दिन भद्रावास योग का निर्माण हो रहा है। जो सुबह 9.14 बजे तक रहेगा। पूर्णिमा के दिन वरीयान योग का निर्माण हो रहा है। यह योग पूरी रात तक बना रहेगा।