
Gang selling two nude photos for Rs 49 and video for Rs 299 arrested
हनुमानगढ़. महिलाओं की फेक आईडी के जरिए अश्लील फोटो और वीडियो की रेटलिस्ट जारी कर उनका विक्रय करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए साइबर थाना पुलिस और साइबर सैल ने सोमवार को तीन युवकों को गिरफ्तार किया। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म के माध्यम से अश्लील सामग्री बेचकर लाखों रुपए ऐंठने वाले तीनों ही आरोपी भादरा के गांव सागड़ा के रहने वाले हैं तथा भादरा में किराए का मकान लेकर अश्लीलता का धंधा कर रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह मोबाइल फोन, सात सिम कार्ड तथा 12 एटीएम कार्ड जब्त किए हैं। गिरोह के सदस्य 10 यूपीआई आईडी के माध्यम से पैसों का लेनदेन कर रहे थे। आरोपी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए अश्लील सामग्री का विक्रय करते थे और इस धंधे के लिए 80 फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बना रखी है। पुलिस की माने तो आरोपियों ने अश्लील चैटिंग, वीडियो व फोटो के विक्रय, ग्राहक से संपर्क, फेक आईडी बनाने, अश्लील सामग्री तैयार करने आदि के लिए पूरी टीम बना रखी है। जल्दी ही गिरोह के अन्य सदस्यों को भी पुलिस दबोच सकती है। प्रारंभिक पड़ताल में अश्लील सामग्री बेचकर तकरीबन सात लाख रुपए का धंधा करने की बात सामने आई है और यह राशि आगामी अनुसंधान में बढ़ भी सकती है।
साइबर थाना प्रभारी डीएसपी अरुण कुमार ने बताया कि 31 मई को मुखबिर से सूचना मिली कि भादरा कस्बे के ऑटो मार्केट में किराए का मकान लेकर रहने वाले पवन कुमार (24) पुत्र राजेन्द्र प्रसाद गोस्वामी व सन्दीप कुमार (24) पुत्र बंशीलाल नेहरा दोनों निवासी वार्ड 11, सागड़ा पीएस भिरानी लड़कियों के नाम से महिलाओं की न्यूड फोटो व वीडियो को इंस्टाग्राम की स्टोरी के रूप में अपलोड कर लोगों से पैसों की ठगी कर रहे हैं। पुलिस टीम ने तकनीकी जांच पड़ताल के बाद आरोपियों की पहचान कर पवन कुमार व सन्दीप कुमार को ऑटो मार्केट भादरा से गिरफ्तार किया। साइबर थाने में आईटी एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। जांच के दौरान सुमित (23) पुत्र ज्ञानसिंह जाट निवासी वार्ड 6, सागड़ा की मामले में संलिप्तता पाए जाने पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
डीएसपी अरुण कुमार ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि गिरोह के सदस्य अपने मोबाइल फोन में पेड गर्ल व महिला के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाते हैं। फिर गुगल या टेलीग्राम चैनल से महिलाओं की न्यूड फोटो व वीडियो तथा पोर्न साइट से वीडियो डाउनलोड कर अपने फोन में स्टोर करते हैं। महिलाओं के न्यूड फोटो व वीडियो को स्वयं की ओर से बनाई गई फर्जी इंस्टाग्राम आईडी पर रील के रूप में अपलोड करते और उसी फर्जी आईडी का टेलीग्राम में लिंक बायो में डाल देते थे। लोग पेड गर्ल व महिला समझ आरोपियों के जाल में फंस जाते और टेलीग्राम पर मैसेज कर देते।
गिरोह के जाल में फंसकर पेड गर्ल आईडी के जरिए टेलीग्राम पर मैसेज करने वालों अश्लील वीडियो व फोटो तथा अश्लील चैटिंग के रेट बताए जाते। गिरोह के सदस्य लोगों को 2 न्यूड फोटो भेजने के 49 रुपए, 10 न्यूड फोटो के 99 रुपए, 20 न्यूड फोटो के 175 रुपए, 30 न्यूड फोटो के 249 रुपए, 2 न्यूड वीडियो के 299 रुपए तथा 4 न्यूड वीडियो भेजने के 499 रुपए के प्लॉन के बारे में बताते। सौदा तय होने के बाद गिरोह के सदस्य अपने यूपीआई क्यूआर स्कैनर के जरिए रुपए का भुगतान प्राप्त कर लेते। इसके लिए इस्तेमाल किए गए आरोपियों के 6 मोबाइल फोन व 7 सिम कार्ड तथा 12 एटीएम कार्ड पुलिस ने जब्त किए हैं।
आरोपी पवन गोस्वामी, सन्दीप जाट व सुमित कुमार ने अब तक सात लाख रुपए की अश्लील सामग्री बेचना स्वीकारा है। आरोपी अश्लीलता के धंधे से कमाई कर गुलछर्रे उड़ाते थे, इसके चलते वे पुलिस तंत्र के रडार में आ गए। आरोपियों ने पिछले दिनों ही ढाई लाख रुपए का नया बुलैट निकलवाया था।
अश्लील फोटो व वीडियो भेजने के अलावा गिरोह के सदस्य लडक़ी बनकर अश्लील चैटिंग भी करते थे। इसके लिए वे ग्राहक के हिसाब से पैसे लेते थे। ऐसे में पुलिस का मानना है कि गिरोह में कई और लोग भी शामिल हो सकते हैं।
गिरोह का भंडाफोड़ करने वाली पुलिस टीम में साइबर थाना प्रभारी अरुण कुमार, हैड कांस्टेबल चिरंजीलाल, विजय आनन्द, कांस्टेबल गजराज सिंह, सुनील कुमार, पंकज कुमार, प्रमोद कुमार, अभय कमाण्ड प्रभारी डॉ. केन्द्रप्रताप कौशिक व एसपी कार्यालय की साइबर सैल प्रभारी वाहेगुरु सिंह शामिल रहे। इसके अलावा कार्रवाई में भादरा डीएसपी सुभाष गोदारा व उनकी टीम तथा भिरानी थाने के कांस्टेबल विकास कुमार का विशेष योगदान रहा।
साइबर थाना प्रभारी अरुण कुमार ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पेड गर्ल के नाम से किसी अनजान लिंक को सर्च ना करें। अपना बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति या फर्म को किराए पर या अन्य तरीके से उपयोग के लिए देना गैर कानूनी है। इनका दुरुपयोग हो सकता है जिससे खाताधारक मनी लॉड्रिंग, देशद्रोह, अश्लील सामग्री प्रकाशन, तस्करी एवं वित्तीय धोखाधड़ी जैसे गम्भीर नामलों में अपराधी बन सकता है। साइबर धोखाधड़ी होने पर राष्ट्रीय अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत स्वयं ऑनलाइन या किसी ई-मित्र के माध्यम से दर्ज करवा सकते हैं। इसके अलावा टोल फ्री हेल्पलाइन नम्बर 1930 या हनुमानगढ़ पुलिस के हेल्पलाइन नम्बर 87648-76025 पर कॉल कर अपनी शिकायत तुरंत दर्ज करवाएं।
Published on:
03 Jun 2024 08:55 pm
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