
ग्रे-वाटर ट्र्रीटमेंट बना रहवासियों के लिए परेशानी
डॉ. आंबेडकर नगर (महू). छावनी परिषद द्वारा लालजी की बस्ती व सारवान मोहल्ले के बीच स्थित खाली जमीन पर ग्रे-वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट और बायो डायवर्सिटी पार्क प्रोजेक्ट 8 माह पहले शुरू हुआ था, जो अब पूरा हो चुका है। नाले का गंदा पानी फिल्टर होना भी शुरू हो गया है। पानी फिल्टर के लिए बनाए गए कंटूरों में बारिश और नाले का गंदा पानी जमा होने के कारण क्षेत्र में बदबू फैल रही है। जिसके कारण आसपास के रहवासी परेशान हो रहे हंै। साथ ही इस जमा गंदे पानी में मच्छर भी पनप रहे हैं, जिस कारण बीमारियां बढऩे का भी अंदेशा है। हालांकि बारिश के बाद दोबारा प्लांट को लेकर रिव्यू किया जाएगा। साथ ही परिषद ने यहां पर में अलग-अलग प्रजाति के 5 हजार पौधों का प्लांटेशन भी किया गया।
जानकारी अनुसार, योजना में 30 एकड़ में से 5.5 एकड़ जमीन को लिया गया है। यहां अलग-अलग ट्रेंच चैनलों के माध्यम से ग्रे-वाटर को पहले बोल्डर एरिऐशन के बाद सेंड ब्रिक बेट से होते हुए एक्वा प्लांट के द्वारा प्राकृतिक रूप से फिल्टर करते हुए तालाब में एकत्रित किया गया। ओवर फ्लो होने पर पानी दोबारा किशनगंज की ओर निकल जाएगा। तालाब के पानी को यहां बन रहे बायो डायवर्सिटी पार्क के पौधों को सिंचित किया जाएगा। नाले के पानी को फिल्टर करने के लिए अलग-अलग पांड बनाए गए हंै। चैनल के शुरुआती हिस्से में प्लास्टिक, बोतल आदि कचरा जमा हो जाता है, जिसमें हर 15 दिन में परिषद द्वारा ट्रेंचिंग ग्राउंड भेजा जाता है। लेकिन हाल ही की स्थिति में इन चैनलों में नाले का गंदा पानी और बारिश का पानी जमा हो गया। जो सड़ गया और कीड़े पडऩे के कारण बदबू मार रहा है। जिससे रहवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि बारिश के बाद प्लांट को लेकर रिव्यू किया जाएगा। इसके साथ इसका समय-समय पर मेंटनेंस भी किया जाना जरूरी है। ताकि चैनल पूरी तरह से काम करते रहे।
जागरुकता जरूरी
शहरी क्षेत्र से होकर आ रहे इस नाले में लोग अभी भी प्लास्टिक व गंदगी डाल रहे हैं। जिससे प्लांट के शुरुआती चैनल में हमेशा कचरा बना रहता है। जिसके कारण जहां चैनल बनाए गए हैं, वहां पर गदंा पानी जमा होने के कारण बदबू मारता है। यदि लेाग जागरूक होंगे और नाले में दूषित वस्तुएं नहीं डालेंगे तो चैनल में दिक्कत नहीं आएगी।
फोटो. एमडब्ल्यू 3101 इस तरह चैनलों में गंदा पानी जमा है।
फोटो. एमडब्ल्यू 3102 कई दिनों से जमा पानी में काई जमीं।
Published on:
30 Jul 2022 11:49 pm
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