
Air Ambulance in Gujarat
गुजरात में बारिश के मौसम के बीच पिछले 29 दिनों में इमरजेंसी 108 एम्बुलेंस सेवा ने आपात स्थिति में 1.14 लाख से अधिक लोगों को अस्पताल पहुंचाकर मदद की है। राज्य में अब तक 1.62 करोड़ से अधिक लोगों को एम्बुलेंस सहायक बनी है। मोबाइल एप सेवा के माध्यम से भी प्रतिदिन 7000 से लेकर 7500 कॉल आ रहे हैं।गुजरात में वर्ष 2007 से निशुल्क कार्यरत इस सेवा की बदौलत 1.62 करोड़ लोगों को मदद की गई है। इनमें से गंभीर अवस्था में पहुंचे 15.37 लाख लोगों को समय रहते उपचार मिलने पर बचाया जा सका। राज्य में इस सेवा के काफिले में 800 एम्बुलेंस हैं। इनके अलावा समुद्री इलाकों में एम्बुलेंस के रूप में दो बोट भी 108 एम्बुलेंस के रूप में कार्य कर रही हैं। समुद्र में आपातकाल के दौरान ये सामान्य एम्बुलेंस के रूप में सहायक बन रही हैं। इनके अलावा एक एयर एम्बुलेंस भी कार्यरत है, जिससे राहत दर पर मरीज को अन्य जगहों पर भी ले जाया जा सकता है। इस तरह से गुजरात इमरजेंसी 108 के बेड़े में जल, थल और वायु एम्बुलेंस सेवा कार्यरत है।
गुजरात 108 एम्बुलेंस के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) जशवंत प्रजापति के अनुसार राज्य की सभी 257 तहसीलों के 18000 गांव और महानगरों में इस सेवा का नेटवर्क कार्यरत है। उनके अनुसार राज्य में अब तक 1.42 लाख महिलाओं की प्रसूति में भी इस सेवा की अहम भूमिका रही है। लगभग चार हजार कर्मचारी इस सेवा से जुड़े हुए हैं। सभी एम्बुलेंस आधुनिक तकनीक से जुड़ी होने पर मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने में आसानी होती है।
सीओओ प्रजापति के अनुसार 108 सेवा की सभी एम्बुलेंस में आधुनिक तकनीक वाली सुविधाएं और उपकरण मौजूद हैं। साथ ही जरूरी दवाइयां, ऑक्सीजन व अन्य मशीनें भी मौजूद हैं। साथ ही एम्बुलेंस में कार्यरत लगभग 4000 कर्मचारी भी पूरी तरह से प्रशिक्षित हैं। यही कारण है कि दूर-दराज के इलाकों में अनेक महिलाओं की सफल प्रसूति भी कर्मचारियों ने करवाईं हैं। इसके अलावा सेवा को प्रभावशाली बनाने के लिए मोबाइल एप भी तैयार किया गया है। इसकी निगरानी अहमदाबाद स्थित इमरजेंसी मॉनिटरिंग एंड रिस्पॉन्स सेंटर से की जाती है। यहां हर दिन लगभग सात से साढ़े सात हजार कॉल्स आते हैं।
Published on:
30 Jul 2024 10:43 pm
