
शहर में बारिश की वजह से जगह-जगह पानी भर गया। इससे लोगों को काफी परेशानी हुई। पानी के बीच से निकलते हुए वाहन।
शहर में मानसून फिर से मेहरबान हो गया है। गुरुवार को सुबह डेढ़ घंटे में तीन इंच बारिश दर्ज हुई। इस बारिश से शहर तरबतर हो गया है। दस साल में पहली बार ऐसा हो रहा है कि जुलाई की बारिश का कोटा 13 दिन पहले ही पूरा हो गया। मानसून सीजन का 60 फीसदी पानी बरस चुका है। जबकि मानसून सीजन के 73 दिन शेष है और अगस्त में भारी बारिश का दौर चलता है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी गरज-चमक के साथ बारिश के आसार जताए हैं। बारिश ने दस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इसी गति से पानी बरसा तो 89 रिकॉर्ड भी टूट सकता है
Rain Alert : अगले 4 घंटों में शुरु होगी धमाकेदार बारिश, इन जिलों में गरज के साथ आंधी, बिजली गिरने की चेतावनीhttps://www.patrika.com/bhopal-news/mp-rain-alert-heavy-rain-will-start-in-4-hours-thunderstorm-and-lightning-warning-in-these-districts-18851614
जुलाई में 224 मिली मीटर औसत बारिश होती है, लेकिन 18 दिन में 292 मिली मीटर बारिश हो चुकी है। औसत से 68 मिमी अधिक बारिश हो चुकी है। जुलाई के 12 दिन अभी शेष हैं। 19 जुलाई को बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। इसके असर से भी बारिश की संभावना है। 21 से 4 जुलाई के बीच भी झमाझम बारिश हो सकती है। हालांकि ग्वालियर शहर में जो बारिश हुई है, वैसी बारिश बांधों के कैचमेंट नहीं है, जिससे बांधों का जलस्तर नहीं बढ़ रहा है।
बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। मानसून ट्रफ लाइन गुना होते हुए गुजर रही है। इससे बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है।
हवा का रुख दक्षिण पूर्वी रहा। नमी की वजह से मौसम बदल गया। झमाझम बारिश हुई। 19 जुलाई को भी बारिश की संभावना है।
जम्मू कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। गुजरात-केरल तट पर अपतटीय ट्रफ लाइन भी बनी है, जिससे अरब सागर से भी नमी आ रही है।
19 जुलाई को नया कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है, जिससे बारिश होने की संभावना है।
वर्ष बारिश
2014 192.2
2015 187.1
2016 253.9
2017 173.9
2018 291.3
2019 264.1
2020 147.6
2021 283.9
2022 187.1
2023 214.8
2024 292.0
(मानसून सीजन की औसत बारिश 721 मिली मीटर है। 26 जून को मानसून ने दस्तक दी थी और इसे सक्रिय हुए 22 दिन हुए हैं।)
Published on:
19 Jul 2024 11:09 am
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