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हथेली की ये रेखाएं बनातीं हैं आपके हाथों में धन लक्ष्मी योग

8 रेखाएं जो दर्शाती हैं माता लक्ष्मी की विशेष कृपा की ओर

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Deepesh Tiwari

Apr 15, 2022

palmistry-hast vigyan

palmistry-hast vigyan : know about Dhan Lakshmi Yoga in your hands

आज के दौरान में धन की महत्ता अत्यधिक बढ़ गई हैं। ऐसे में हर किसी व्यक्ति की ये इच्छा होती है कि मां लक्ष्मी की कृपा उस पर सदैव बनी रहे, जिससे उसका घर धन-धान्य से परिपूर्ण रहे। वहीं हिंदू शास्‍त्रों के अनुसार जो कोई व्यक्ति देवी मां लक्ष्मी की श्रद्धा पूर्वक साधना और आराधना करता है, माता उस पर अवश्य कृपा करती हैं।

वही माता लक्ष्मी की कृपा के संबंध में हथेली में बनी कुछ रेखाएं विशेष संकेत देती हैं। हस्तशास्त्र के अनुसार यदि ये 8 लकीरें आपके हाथ में भी मौजूद हैं तो इसका अर्थ ये होता है कि देवी मां लक्ष्‍मी की आप पर सदैव कृपा बनी रहगी। ऐसे में आप धनवान होने के साथ ही सदैव मालामाल भी रहेंगे।

ऐसे पहचानें हथेली की धन लक्ष्मी योग वाली रेखाओं को-

हस्तविज्ञान के जानकार वीडी श्रीवास्तव के अनुसार हाथ में मौजूद रेखाएं यूं तो व्यक्ति से जुड़ी अनेक राजों को सामने ला देतीं हैंं, लेकिन हथेली में मौजूद 8 रेखाएं माता लक्ष्मी की विशेष कृपा की ओर इशारा करती हैं। ऐसे पहचाने इन रेखाओं को-

1. यदि आपकी हथेली में अगर शनि पर्वत ( मध्यमा उंगली के नीचे जहां उंगली हथेली से जुड़ती है) और बुध पर्वत (छोटी उंगली यानि कनिष्ठा के नीचे जहां उंगली हथेली से जुड़ती है) के पास एक वलय यानि रिंग का आकार बना हो। और यह वलय एक रेखा से जुड़ा हो तो हथेली में लक्ष्मी योग का निर्माण होता है। ऐसे व्यक्ति चतुर होने के साथ ही बोल-चाल की कला में भी निपुण होते हैं। यह अपने व्यक्तित्व से प्रशंसा और ख्याति अर्जित करते हैं। धन के मामले भी यह संपन्न होते हैं।

2. - आपकी हथेली में यदि मणिबंध यानी हथेली के अंतिम सिरे से शुरु होकर कोई रेखा सीधे शनि पर्वत तक पहुंचे। इसके अलावा चन्द्र पर्वत (बुध पर्वत से नीचे का वह भाग जहां हथेली व कलाई का मिलन होता है उसे थोड़ा उपर) से शुरु होकर एक रेखा सूर्य पर्वत ( अनामिका उंगली यानि रिंग फिंगर के नीचे जहां उंगली हथेली से जुड़ती है) तक आए तो यह महालक्ष्मी योग बनाता है। ज्योतिष में ऐसी रेखा बहुत ही दुर्लभ मानी जाती है। जिस किसी के हाथ में ये रेखा होती हैं वह धनवान और हर प्रकार के सुख-साधनों को पाने वाले माने जाते हैं।

3. - आपकी हथेली में गुरु (तर्जनी उंगली यानि के नीचे जहां उंगली हथेली से जुड़ती है), चन्द्रमा, शुक्र (अंगुष्ठ के नीचे जहां अंगुठा हथेली से जुड़ता है) और बुध पर्वत उन्नत और लालिमा लिए हो तो आप राजलक्ष्मी योग वाले व्यक्ति हैं। अपने नाम के अनुसार यह योग व्यक्ति को राजा के समान सुख और वैभव दिलाता है।

4. - हथेली में यदि आपकी मणिबंध रेखा से भाग्य रेखा, सूर्य रेखा और बुध रेखा निकल रही है तो आप नवलक्ष्मी योग वाले व्यक्ति हैं। ऐसे व्यक्ति शुरू में तो खूब परिश्रम करते हैं लेकिन उम्र बढ़ने के साथ अपार धन के स्वामी बन जाते हैं।

5. - हथेली में तराजू का चिह्न श्रीमहालक्ष्मी योग कहलाता है। ऐसे व्यक्ति आर्थिक रूप से समृद्ध‌ होने के अलाव प्रसिद्ध व धार्मिक विचारों के होते हैं। इनमें न्याय की भावना होने के साथ ही ये व्यवसाय में अत्यधिक सफल होते हैं।

6. - हथेली में भाग्य रेखा साफ और स्पष्ट रूप में होने के साथ ही ये सूर्य पर्वत पर आकर ठहरती है तो इसे भाग्य योग और भाग्य लक्ष्‍मी योग कहते हैं। ऐसे व्यक्तियों का बचपन भी धन और वैभव में ही बीतता है।

7. - हथेली में भाग्यरेखा शनि पर्वत से आगे बढ़कर मध्यमा के दूसरे पोर तक पहुंचती हैं तो ऐसे व्यक्ति भाग्योदय योग वाले होते हैं। इनका भाग्योदय बचपन में ही हो जाता है और इनका पूरा जीवन धन धान्य से भरपूर होता है।

8. - सूर्य पर्वत का स्‍थान उठा होने के अलावा जिस व्यक्ति की सूर्य रेखा हथेली के मध्य में आकर शुक्र की ओर मुड़ी रहती है तो ऐसे व्यक्ति राजराजेश्वर योग वाले कहलाते हैं। इनका जीवन सुख-संपत्ति व धन-धान्य से पूर्ण होता है।