
चेन्नई. ईसीआर में रविवार को इंटरनेशनल सोसायटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) द्वारा आयोजित 44वीं भगवान जगन्नाथ रथयात्रा में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया और रथ खींचा। करीब 2 बजे विशेष रूप से सजा रथ पालवाक्कम से अपनी यात्रा पर निकला और नीलांगरै, वेट्टुवंकेनी और इंजम्बाक्कम होते हुए ईसीआर िस्थत अक्करै इस्कॉन मंदिर पहुंचा। रथयात्रा के दौरान श्रद्धालु झूमते-नाचते चल रहे थे।
भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की पूजा के इस उत्सव में श्रद्धालुओं ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। रथयात्रा के दौरान माहौल खुशी, भक्ति और संकीर्तन की ध्वनि से भर गया। इस्कॉन मंदिर के एक प्रतिनिधि ने बताया हमें रथयात्रा निकालने में अविश्वसनीय आनंद मिला। हमने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के भव्य रथ को खींचा। यह सिर्फ एक त्यौहार नहीं बल्कि भगवान के साथ एक हार्दिक यात्रा है, जो उनके सभी भक्तों के पास आने का प्रतीक है। रथ को खींचने से ऐसा लगता है जैसे भगवान हमारे दिल के और करीब आ गए हैं, उनके साथ हमारा रिश्ता मज़बूत हो रहा है।
इस रथयात्रा में एचएच भक्ति विनोद स्वामी बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। शाम 6 बजे नील माधव नाटक, 9 बजे प्रभु दर्शन, कीर्तन और भक्तों के लिए प्रसादी का कार्यक्रम भी हुआ।
Updated on:
8 Jul 2024, 3:18 PM IST
Published on:
8 Jul 2024, 3:18 PM IST
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