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चरनोई की जमीन पर अवैध कब्जा, सड़कों पर आवारा मवेशियों का डेरा

विरोध करने पर ग्रामीणों पर हमला पन्ना. जिले के कस्बों और गांवों में चारागाह की जमीन पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। जिले में ऐसा कोई गांव नहीं है, चरनोई की जमीन पर अवैध कब्जे न हों, ऐसे में आवारा मवेशियों को जगह नहीं मिल रही है। मवेशी मार्ग पर जमावड़ा लगा रहे […]

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सड़कों पर आवारा मवेशियों का डेरा

सड़कों पर आवारा मवेशियों का डेरा

विरोध करने पर ग्रामीणों पर हमला

पन्ना. जिले के कस्बों और गांवों में चारागाह की जमीन पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। जिले में ऐसा कोई गांव नहीं है, चरनोई की जमीन पर अवैध कब्जे न हों, ऐसे में आवारा मवेशियों को जगह नहीं मिल रही है। मवेशी मार्ग पर जमावड़ा लगा रहे हैं। इससे आए दिन लोग हादसों का शिकार होकर लहूलुहान हो रहे हैं और जान गंवा रहे हैं। जिलेभर में 47208 हेक्टेयर भूमि चरनोई के लिए आरक्षित है। इसमें से करीब 10 हजार हेक्टेयर यानी कि लगभग 25 हजार एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा हो चुका है। लोग कब्जा कर खेती कर रहे हैं या पक्का निर्माण करा लिया है।
भसूड़ा-बैरहा
धरमपुर थाना अंतर्गत भसूड़ा-बैरहा गांव में चारागाह की जमीन पर आधा सैकड़ा लोगों ने कब्जा कर ट्रैक्टर से जुताई करना शुरू कर दी। ग्रामीणों ने विरोध किया तो उनके साथ लाठी-डंडों से जमकर मारपीट की गई। विवाद में एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस अपराध दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
बेशकीमती हैं ये जमीनें
जिलेभर के 395 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत चरनोई के लिए जमीन आरक्षित की गई है। लगभग सभी ग्राम पंचायतों में जमीन आरक्षित है। चरनोई के लिए आरक्षित जमीन मौके पर होने की वजह बेशकीमती बताई जा रही है, जिसकी कीमत करोड़ रुपए है। जमीन के बेशकीमती होने की वजह से यह लोगों की नजर पर है। लोग अवैध कब्जा कर रखा है।
शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं
चरनोई की जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ लोगों ने आवाज भी उठाई। अधिकारियों-जनप्रतिनिधियों से मामले की शिकायत की, लेकिन चरनोई की जमीन से कब्जा हटवाना तो दूर, जिम्मेदारों ने जांच करना तक जरूरी नहीं समझा। अब तो लोगों ने निराश होकर शिकायत करना भी बंद कर दिया है।
… तो रास्ते में नजर नहीं आएंगे मवेशी
चरनोई की जमीन पर गांव-गांव लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। जिसकी वजह से निराश्रित मवेशियों को गांवों में चरने-फिरने तक की जगह नहीं बची है। ऐसे में मवेशी मुख्य मार्ग पर जमघट लगा रहे हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर चारागाह के लिए आरक्षित की गई जमीन को अवैध कब्जा से मुक्त करा लिया जाए तो मुख्य मार्ग से निराश्रित मवेशियों की समस्या 50 फीसदी कमी हो सकती है। लेकिन इस ओर अधिकारियों का ध्यान ही नहीं है।
जमीन पर कब्जा, मवेशियों का रास्ते में जमावड़ा
चरनोई की जमीन पर लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। कब्जे की जमीन पर खेती की जा रही है या पक्का निर्माण करा लिया गया है। ऐसे में मवेशियों के लिए गांव-गांव चरने के लिए जगह ही नहीं बची है। अतिक्रमणकारियों के खिलाफ शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। शिकायत करने वालों के साथ मारपीट भी की जा रही है। मवेशी मुख्य मार्ग की ओर रुख कर रहे हैं। मुख्य मार्ग पर आवारा मवेशियों का जमघट लगा रहता है।
जल्द कब्जा हटवाएंगे
सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटवाने मुहिम चलाई जा रही है। इस कड़ी में चरनोई की जमीन पर अवैध कब्जा पाया गया तो उसे हटवाएंगे। -सुरेश कुमार कलेक्टर पन्ना