भीलवाडा। अपराधियों के पीछे दौड़ रही पुलिस के लिए चुनौती कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। तस्कर, चोर, लुटेरे, साइबर ठग, हार्डकोड अपराधी तो पुलिस के बैरी बने हुए हैं, वहीं अब कुछ पुलिस कर्मी भी अपराधी के चोले में नजर आ रहे हैं।
इन दिनों बजरी व खनन माफियाओं से सांठगांठ को लेकर कई पुलिसकर्मी चर्चाओं में हैं, वहीं मादक पदार्थ के तस्करों के साथ पुलिस कर्मियों के तारे जुड़े होने की बात भी सामने आई है। 10 अप्रेल 2021 को तस्करों की गोली से दो पुलिस कर्मियों की मौत के मामले में कुछ पुलिस कर्मियों की भी गिरफ्तारी हुई है।
झूठे मुकदमों में फंसा कर जबरनी वसूली व बदमाशों के साथ दोस्ताना संबंध भी उजागर हुए हैं। ऐसे में आला पुलिस अधिकारियों को अपराधियों के साए में पल रहे पुलिस कर्मियों के खिलाफ गिरफ्तारी के बड़े एक्शन के साथ निलंबन की कार्रवाई के कदम भी उठाने पड़े हैं। कुछेक पुलिस कर्मियों के काले कारनामे से राजस्थान पुलिस की छवि घूमिल हुई है।
केस नम्बर 01
भीलवाड़ा एसीबी गत 1 सितंबर को गुलाबपुरा 29 मिल पुलिस चौकी के प्रभारी नेतराम जाट को पांच लाख रुपए की घूस लेकर एवं उसमें से एक लाख रुपए वापस लौटाने के मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। इसी मामले में एक कांस्टेबल भी निलंबित हुआ।
केस नम्बर 02
मांडल थाना क्षेत्र में हनी ट्रैप के मामले में एक व्यक्ति को फंसाने की धमकी देकर पांच लाख रुपए मांगने के मामले में 29 मई 2025 को नानकपुरा पुलिस चौकी पर तैनात पुलिस कर्मी हंसराज गुर्जर की गिरफ्तारी हुई। हालांकि परिवादी ने कार्रवाई से बाद में इनकार कर दिया, लेकिन थाना पुलिस की जांच जारी है।
केस नम्बर 03
बजरी माफिया के साथ सांठगांठ करने के आरोप में हनुमान नगर के तत्कालीन थाना प्रभारी रामकिशन गोदारा और कांस्टेबल महेंद्र सिंह अक्टूबर 2020 में निलंबित हुए। साथ ही सात अन्य पुलिसकर्मियों को थाने से हटाकर रिजर्व पुलिस लाइन में भेज दिया गया।
केस नम्बर 04
बजरी ट्रेलर के चालक से मारपीट व लेनदेन के मामले में भी पुर पुलिस विवाद में आ चुकी है। तत्कालीन एसपी ने विवाद के तूल पकड़ने पर एएसआई कमलेशकुमार, कांस्टेबल करणसिंह, उषाराम, बलवीरसिंह को निलंबित किया था।
केस नम्बर 05
बड़लियास थाना क्षेत्र में बिना जाप्ता लिए निजी वाहन से अवैध बजरी के वाहन को रोके जाने और माफिया के बंधक बनाने का मामला भी चर्चित रहा। इसमें व सवाईपुरचाैकी के तत्कालीन प्रभारी रामेश्वर बेड़ाकाे भी हटाया था।