भीलवाड़ा। प्रतिभा को मान और सम्मान मिला तो चेहरे खुशी से चमक उठे। चमचमाते तमगों को खुशी से चूमा और प्रमाण पत्र सीने से लगाया। लाडले बेटे एवं बेटियों की प्रतिभा का सम्मान हुआ तो परिजन खुशी से झूम उठे। इस यादगार पल को मोबाइल में कैद करने लगे। मौका था राजस्थान पत्रिका की ओर से पत्रिका इग्नाइटर्स अवार्ड-2025 समारोह का।
नगर निगम सभागार में बुधवार दोपहर कार्यक्रम यादगार बन गया। जिलेभर की प्रतिभाओं ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अतिथि नगर निगम महापौर राकेश पाठक, जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू, पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव तथा निगम आयुक्त हेमाराम चौधरी ने प्रतिभाओं का सम्मान किया। जिले के सीबीएसई एवं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 90 प्रतिशत या अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान हुआ। उनको पदक और प्रमाण पत्र दिए। समारोह में अभिभावक भी मौजूद रहे। इस मौके पर टॉक शो खास रहा।
बच्चों ने कलक्टर व पुलिस अधीक्षक से कई सवाल पूछे। दोनों अतिथियों ने तार्किक जवाब दिए। इससे पहले राजस्थान पत्रिका के सम्पादकीय प्रभारी अनिल सिंह चौहान ने स्वागत उद्बोधन में बच्चों को सलाह दी कि वह मोबाइल का उपयोग बौदि़धक विकास व कॅरियर को ऊंचाई तक ले जाने की सोच के साथ करें।
यादगार रहा समारोह
बच्चों के जोश एवं अभिभावकों के उत्साह के बीच पत्रिका इग्नाइटर्स अवार्ड-2025 कई यादें छोड़ गया। समारोह की शुरुआत अतिथियों के दीप प्रज्ज्वलन से हुई। मंत्रोच्चार पं. अशोक व्यास ने किया। गणेश वंदना अमिशा डांस एकेडमी की अमिशा बिल्लू, पूर्वा शर्मा व रीना तोमर ने की। प्रतिभाओं का सम्मान चरण बद्ध तरीके से हुआ। द म्यूजिकल सितारे के गायक कलाकार रिषभ भरावा, अमन शर्मा व कोमल सोनी ने गीत शाबासियां की प्रस्तुति दी। आभार चीफ रिपोर्टर आकाश माथुर ने जताया।
समारोह में एडमिन विक्रम गहलोत, मार्केटिंग हैड अमित शर्मा, वितरण हैड हितेन्द्र पाल सिंह, वरिष्ठ रिपोर्टर नरेन्द्र वर्मा, सुरेश जैन, फोटो जर्नालिस्ट अरविंद हिरण समेत अविनाश माथुर, प्रवीण जोशी, गोपाल हाडा, गोविंद सिंह कानावत, रोहित मोठ, युवराज सिंह व भारत शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। हंसा व्यास ने संचालन किया।
आत्म विश्वास से खुलती सफलता की राह: कलक्टर संधू
टॉक शो में कलक्टर संधू ने कलक्टर व एसपी बनने के लिए कड़ी मेहनत की जरूरत बताई और कहा यूपीएसी परीक्षा इसका माध्यम है। इसके क्लीयर करने से लक्ष्य अर्जित किया जा सकता है। आइकन के सवाल पर कहा कि मेरे रॉल मॉडल मेरे पिताजी रहे हैं। बच्चों के 90 फीसदी से अधिक नम्बर लाने पर सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मजबूत आत्म विश्वास सफलता की कुंजी है। मोबाइल का उपयोग जरूरत के मुताबिक किया जाए। संधू ने कहा कि हार के बाद भी जीत है और लक्ष्य जीवन का मायना बदल देता है।
सफलता पड़ाव नहीं, यह एक प्रोसेस है: एसपी यादव
एसपी यादव के जवाब थे कि परिवादियों के लिए पुलिस थाने के द्वार रात हो या दिन चौबीस घंटे खुले रहते है, मैं, भी पब्लिक का ही हिस्सां हूं, जब भी उन्हें जरूरत होती है मौके पर पहुंचता हूं। इंटरनेट उपयोग के सवाल पर कहा कि इंटरनेट एक टूल है, यह आप पर निर्भर करता है कि आप इसका उपयोग किस प्रकार से करते है। सही इस्तेमाल करोंगे तो फायदा होगा, अन्यथा नुकसान भी तय है। उन्होंने कहा कि जिदंगी बहुत लंबी है, इसमें कई अवसर मिलते हैं, सफलता को पड़ाव के नजरिए से ही देखना चाहिए। असफल होने के बावजूद आगे बढ़ते रहना चाहिए।
इनका मिला आतिथ्य
भीलवाड़ा डेयरी मार्केटिंग हैड त्रिभुवन पाटीदार, एलटूसी एनपीए निदेशक सुनीत नैनावटी, राजस्थान जनमंच अध्यक्ष एवं भाजपा नेता कैलाश सोनी, संदीप मोटर्स निदेशक कृष्णा राठी, स्टडी एज निदेशक सीए लक्ष्मण कुमार, सीए सुनील वासवानी, आइकन एजुकेशन निदेशक अनुराधा चौधरी, महेश सेवा समिति अध्यक्ष ओम नराणीवाल, सचिव राजेन्द्र कचौलिया, उपाध्यक्ष सत्यनारायण मूंदड़ा, विद्या कॉलेज निदेशक गीता चौधरी, किगडम ऑफ जोकर्स सैलून निदेशक प्रिंस कोठारी, दर्श ई-मोटर्स निदेशक कमल छतवानी, एस टेक स्कूल निदेशक राघव तोतला, राधेकृष्णारिनिवेबलप्रा.लि. निदेशक उमेश विश्नोई, बीएसएल से आरडी जाट व संजय त्रिपाठी, समाज सेवी राजेश पाटनी तथा एमपीएस स्कूल प्रींसिपलअल्पा सिंह मौजूद रहे।
टॉक शो में बोले बच्चे…कलक्टर व एसपी अंकल हमें भी आप की तरह बनना है…..
कलक्टर-एसपी से बच्चों ने सवाल पूछ शांत की जिज्ञासा…..
– अंकल हम आप की तरह अफसर कैसे बन सकते हैं?
– आपकी सफलता का सोपान क्या रहा?
– आपने सफलता कैसे हासिल की?
– आप अपने काम में इतने व्यस्त रहते हैं, परिवार के लिए कैसे समय निकालते हैं?
– मोबाइल का उपयोग आप कितना करते हैं और विद्यार्थियों में निराशा क्यों बढ़ रही है?
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मोटीवेशन से दिखाई राह…………
देश के भविष्य का सम्मान गौरव पूर्ण बात है, प्रतिभाओं को कॅरियर चुनने की राह खुलती है और उन्हें लक्ष्य चुनने का मौका भी मिलता है। सामाजिक सरोकार के क्षेत्र में राजस्थान पत्रिका का योगदान सदैव सराहनीय रहा है।
– बीके पाठक, प्रबंध निदेशक, भीलवाड़ा डेयरी
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डिग्री के साथ पर्सनल्टी पर भी फोकस करना चाहिए, क्योंकि डिग्री नौकरी दिला सकती है, लेकिन भविष्य में तरक्की के लिए पर्सनल्टी व इंटेलीजेंसी ही ग्रोथ दिलाती है। बच्चों की इंटेलीजेंसी का उदाहरण है कि भीलवाड़ा में सीए का रिजल्ट देश में प्रेरणादायक रहा।
– प्रदीप लाठी, निदेशक, एलटूसी एनपीए
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हम जो चाहते हैं वह दी बेस्ट कर सकते हैं। बच्चों को भी मनोभाव के अनुरूप लक्ष्य़ तय करके आगे बढ़ना चाहिए। सफलता का मूल मंत्र है कि हम पीछे मुड़कर नहीं देखें। असफलता से घबराना नहीं चाहिए।
– अनिल चौधरी, निदेशक, आइकन एजुकेशन
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लक्ष्य प्राप्ति के लिए जरूरी नहीं कि दिनभर पढ़ते रहें, कुछ घंटे रुचि के अनुरूप कार्य के लिए भी रखने चाहिए। ऐसा नहीं हो कि आपका पढ़ाई का संतुलन बिगड़ जाए। पत्रिका ने जो सम्मान प्रतिभाओं को दिया, वह सराहनीय है।
– सीए पीयूष पारीक, निदेशक, स्टडी एज इंस्टटीयूट
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अच्छे अंक प्राप्त करने के साथ सफलता को भी आगे बढ़ाए रखना जरूरी है। इसके लिए हमें समर्पित होना होगा, बच्चों कड़ी मेहनत का सफर जारी रखें। इससे सफलता उनके पीछे दौड़ती नजर आएगी।
– अमित टाक, निदेशक, एज स्टीवर्डमोरिस स्कूल
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