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वैज्ञानिकों ने मस्तिष्क को फिर से युवा बनाने की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। भारतीय मूल के अमेरिकी प्रोफेसर अशोक शेट्टी ने एक खास नेजल स्प्रे विकसित किया है, जो मस्तिष्क की सूजन कम करने के साथ याददाश्त सुधारने और उम्र बढ़ने के असर को कम करने में मदद करता है। यह खोज डिमेंशिया और अल्जाइमर जैसे रोगों के इलाज को नई दिशा दे सकती है।
भारतीय मूल के अमेरिकी प्रोफेसर अशोक शेट्टी के नेतृत्व में टेक्सास A एंड M यूनिवर्सिटी की टीम ने मस्तिष्क के लिए खास नेजल स्प्रे विकसित किया है। वैज्ञानिकों ने चूहों पर किए गए परीक्षण में पाया कि इसकी सिर्फ 2 डोज से ही पुरानी सूजन में तेज गिरावट आई। यह खोज डिमेंशिया और अल्जाइमर जैसे रोगों के इलाज को नई दिशा दे सकती है, हालांकि इंसानों पर परीक्षण अभी बाकी है।
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, मस्तिष्क में धीमी लेकिन लगातार सूजन बनने लगती है। इस स्थिति को 'न्यूरो-इन्फ्लेमेजिंग' कहा जाता है। इससे ब्रेन सेल्स की ऊर्जा घटती है और याददाश्त कमजोर होने लगती है। अब तक इसे उम्र का अपरिवर्तनीय हिस्सा माना जाता था, लेकिन यह शोध इस धारणा को चुनौती देती है।
अशोक शेट्टी के नेतृत्व में विकसित की गई स्प्रे की खासियत है कि यह नाक के जरिए सीधे ब्रेन टिश्यू तक पहुंचती है। इसलिए सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसमें मौजूद एक्स्ट्रासेलुलर वेसिकल्स माइक्रोआरएनए छोड़ते हैं, जो सूजन के संकेतों को रोककर कोशिकाओं की ऊर्जा प्रणाली को फिर सक्रिय करते हैं।
चूहों पर किए गए शोध परीक्षण के मुताबिक, कुछ ही हफ्तों में याददाश्त में सुधार देखने को मिला है। यह उपचार नर चूहों और मादा दोनों में समान रूप से प्रभावी रहा। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह तकनीक केवल लक्षण नहीं दबाती, बल्कि कोशिकाओं को अंदर से मजबूत बनाती है।
Published on:
19 Apr 2026 02:47 am
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