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नवाचार ही विकसित अर्थव्यवस्था को आकार देने की कुंजी

निरंतर नवाचार ही एक आधुनिक और विकसित अर्थव्यवस्था को आकार देने की कुंजी है। फ्री मार्केट प्रतिस्पर्धा, उत्पाद नवाचार और सेवा उत्कृष्टता भविष्य है।

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22,000 से अधिक नौकरियां उपलब्ध कराई

नई दिल्ली. निरंतर नवाचार ही एक आधुनिक और विकसित अर्थव्यवस्था को आकार देने की कुंजी है। फ्री मार्केट प्रतिस्पर्धा, उत्पाद नवाचार और सेवा उत्कृष्टता भविष्य है। यह कहना है कि फ़ोनपे के सीईओ और संस्थापक समीर निगम का। उन्होंने फोनपे की वार्षिक रिपोर्ट जारी करने के मौके पर कहा कि फोनपे ने हमेशा भारत-प्रथम के सिद्धांत को अपनाया है और इसका मुख्यालय भारत में है, जहां से 100% परिचालन नियंत्रण होता है। अपनी स्थापना के बाद से, फोनपे ने पूरे भारत में 22,000 से अधिक नौकरियां सृजित की हैं और देश के 1500+ उत्कृष्ट इंजीनियरों को रोजगार दिया है, जो भारत के डिजिटल भुगतान क्रांति को सशक्त बनाने के लिए विश्व स्तरीय तकनीकी समाधान तैयार कर रहे हैं। कंपनी ने भारत में कई स्थानों पर बुनियादी ढांचे (जैसे सर्वर, डेटा सेंटर) में 2,800 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया है और इसका पूरा भुगतान तकनीकी ढांचा स्थानीय डेटा केंद्रों पर चलता है, जो पूरी तरह से भारत में स्थित है।
निगम ने कहा कि फोनपे में हमारा लक्ष्य इंटरनेट प्लेटफार्मों का निर्माण करना है, जो भारतीय नागरिकों को अपने जीवन को बेहतर बनाने और अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम बनाए। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कंपनी भारत के अधिकांश डीपीआई (डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर) पहलों की शुरुआती अपनाने वालों में से एक रही है, जिसमें यूपीआई, भारत बिल पे सिस्टम्स, स्टोर है। भविष्य में भी, फ़ोनपे भारत की अगली पीढ़ी के डिजिटल नागरिकों की आकांक्षाओं और महत्वाकांक्षाओं को सक्षम करने के लिए स्वदेशी समाधान तैयार करता रहेगा।