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बुनियादी संरचनाओं के विकास में तेजी जरूरी है, अनुमति दीजिए : वित्त मंत्री तंगम तेन्नअरसु

चेन्नई. तमिलनाडु ने राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के मद्देनजर आवश्यक बुनियादी संरचना विकास कार्यक्रमों की अनुमति की ओर केंद्र सरकार सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। तमिलनाडु के वित्त, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तंगम तेन्नअरसु ने इस सिलसिले में नई दिल्ली में बुधवार को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री […]

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वित्त मंत्री तंगम तेन्नअरसु

चेन्नई. तमिलनाडु ने राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के मद्देनजर आवश्यक बुनियादी संरचना विकास कार्यक्रमों की अनुमति की ओर केंद्र सरकार सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। तमिलनाडु के वित्त, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तंगम तेन्नअरसु ने इस सिलसिले में नई दिल्ली में बुधवार को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। तेन्नअरसु ने उनको तमिलनाडु की कई परियोजनाओं के लिए मंजूरी एवं वित्त पोषण की मांग वाला ज्ञापन सौंपा। मंत्री के साथ तमिलनाडु सरकार की पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन एवं वन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती सुप्रिया साहू भी मौजूद थीं।

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तेन्नअरसु ने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के आग्रह पर 1,50,000 वर्ग मीटर तक के क्षेत्र वाले औद्योगिक शेडों को पर्यावरण मंजूरी से छूट देने के संबंध में पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के लिए आभार व्यक्त किया।

आकलन प्राधिकरण और समिति

वित्त मंत्री ने राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (सिया) और राज्य विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (सिएक) के पुनर्गठन के तमिलनाडु सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी देने में तेजी लाने का अनुरोध करते हुए कहा कि उनका वर्तमान कार्यकाल अप्रेल में समाप्त हो रहा है। उन्होंने यादव को बताया कि राज्य में बढ़ती संख्या में बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं को त्वरित मंजूरी देने के लिए तमिलनाडु सरकार ने पहले ही अतिरिक्त सिएक स्थापित करने का मंत्रालय को प्रस्ताव भेज रखा है। केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार के प्रस्ताव को शीघ्र मंजूरी देने का आश्वासन दिया है।

ग्रीन शील्ड विकास परियोजना

चर्चा के दौरान अनुरोध किया गया कि तुत्तुकुड़ी जिले में तटीय और वन पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ाने के लिए 27.53 करोड़ लागत की ग्रीन शील्ड विकास परियोजना को मंजूरी दी जाए, जिसे हरित भारत मिशन पर राष्ट्रीय कार्य योजना के तहत मंत्रालय को प्रस्तुत किया गया है। परियोजना का उद्देश्य प्रकृति आधारित समाधानों के माध्यम से जिले के तटीय क्षेत्रों में समुद्री कटाव को रोकना है। इसके अतिरिक्त केंद्रीय मंत्री को प्रतिपूरक वनरोपण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण के तहत 74.4 करोड़ की लागत से नीलगिरि जिले में स्थित मुदुमलाई टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र से थेंगुमराहा गांव के पुनर्वास संबंधी भेजी गई व्यापक परियोजना का भी स्मरण कराया गया। तंगम तेन्नअरसु ने कहा कि इस परियोजना से मानव वन्यजीव संघर्ष को रोकने में मदद मिलेगी।

यादव से मिला आश्वासन

केंद्रीय मंत्री ने ज्ञापन में उल्लिखित राज्य सरकार की पहलों पर अपने मंत्रालय के समर्थन का आश्वासन दिया। बैठक के दौरान मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार, अपर सचिव नरेश पाल गंगवार व महानिदेशक सुशील कुमार अवस्थी उपस्थित थे।