28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मौत से पहले दो लोगों के जीवन मे उजाला कर गए केदारनाथ केसरवानी

सोमवार को कॉर्निया ट्रांसप्लांट करके दो मरीजों की लौटेगी आंखों की रोशनी

2 min read
Google source verification

सागर

image

Murari Soni

Oct 20, 2024

सागर. तिली रोड स्थित जियामांपुरम निवासी 55 वर्षीय व्यापारी केदारनाथ केसरवानी की मौत से पहले परिजनों ने बीएमसी में उनकी आई डोनेट कीं। दान में मिलीं कॉर्निया को बीएमसी के नेत्र रोग विभाग की टीम ने कलेक्ट किया। अब सोमवार तक क्षेत्र के दो जरूरतमंद मरीजों को यह कॉर्निया ट्रांसप्लांट की जाएंगी। इसके लिए बीएमसी प्रबंधन ने मरीजों के चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। नेत्ररोग विभाग में यह 10वां और कॉर्निया ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने के बाद यह दूसरा नेत्रदान रहा। इस नेत्रदान के बाद प्रकाश के पर्व दीपावली पर दो मरीजों के जीवन में उजाला होगा।जानकारी के अनु़सार केदारनाथ केसरवानी को बीती रात मेडिकल कॉलेज के सामने स्थित अनुकंपा अस्पताल लाया गया था। 11.56 पर उनका निधन हो गया। मृतक के भाई सीताराम केसरवानी, राम केसरवानी, विनोद केसरवानी और भतीजे सीतल, विशाल, मिन्टू केसरवानी और उनके दोस्त मुकेश साहू ने आई डोनेट करने का निर्णय लिया। परिजनों ने बीएमसी के डॉ. उमेश पटेल के माध्यम से नेत्र रोग विभाग के एचओडी डॉ. प्रवीण खरे से संपर्क किया। डॉ. प्रवीण खरे ने तत्काल आई बैंक इंचार्ज डॉ. सारिका चौहान और टीम को अनुकंपा अस्पताल भेजकर नेत्रदान प्रक्रिया कराई। डॉ. प्रवीण खरे ने केदारनाथ केसरवानी के परिजनों का आभार जताया।

4 मरीजों में 2 को चुना जाएगा-

बीएमसी के आई बैंक में आंखों की कॉर्निया 8-10 दिन तक सुरक्षित रखी जा सकती हैं, इसलिए विभाग में जरूरतमंद मरीजों की लिस्ट रखी है। नेत्रदान होने के बाद विभाग के अधिकारियों ने 4 मरीजों को बुलाया है, जिनमें से दो ऐसे मरीजों का चयन किया जाएगा, जिन्हें कॉर्निया की ज्यादा जरूरत है। संभवत: सोमवार को कॉर्निया ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया हो सकती है।

आई प्रीजर्व में इनका रहा योगदान-

डॉ. सारिका चौहान, डॉ. रोशी जैन, डॉ. नीलम, डॉ. आयूषि मोदी, नर्सिंग ऑफिसर ओमप्रकाश कुमावत, दीपेश व सुरभि का आई प्रीजर्व करने में विशेष योगदान रहा।

-अभी एक महीने पहले बीएमसी के आई बैंक को कोरनियल ट्रांसप्लांट की अनुमति मिली है, विगत माह दो मरीजों के सफलता पूर्वक कॉर्निया ट्रांसप्लांट किए गए हैं। बीती रात हुए नेत्रदान के बाद 4 जरूरतमंद मरीजों को नेत्र रोग विभाग बुलाया गया है, जल्द ही मरीजों का चयन कर दोनों कॉर्निया ट्रांसप्लांट कर दी जाएंगी, संभवत: दीपावली तक मरीज आंख से देख पाएंगे।

डॉ. प्रवीण खरे, विभागाध्यक्ष आई विभाग।