
Astrology and Spirituality
6 अप्रैल 2021, मंगलवार को दशा माता व्रत किया जा रहा है। भगवान विष्णु की पूजा अनेक रूपों में की जाती है। मनुष्य को अपनी इच्छाओं की पूर्ती के लिए अलग-अलग तरीके से भगवान का पूजन करना चाहिए। चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को भी एक ऐसा व्रत आता है जो आपके बिगड़े ग्रहों की दशा सुधारकर आपको सुख-समृद्धि, सौभाग्य और धन संपत्ति की पूर्ति करवाता है।
सुहागिन महिलाएं यह व्रत अपने घर की दशा सुधारने के लिए करती हैं। इस दिन कच्चे सूत का 10 तार का डोरा, जिसमें 10 गठानें लगाते हैं, लेकर पीपल की पूजा करती हैं। इस डोरे की पूजन करने के बाद कथा सुनती हैं। इसके बाद डोरे को गले में बांधती हैं। डोरे की पूजा करने के बाद पूजा स्थल पर नल दमयंती की कथा सुनी जाती है।
इसके बाद इस डोरे को गले में बांधती हैं। पूजन के बाद महिलाएं घर पर हल्दी कुमकुम के छापे लगाती है। व्रत रखते हुए एक ही समय भोजन ग्रहण करती हैं। भोजन में नमक का प्रयोग नहीं करती हैं। इस दिन घर की साफ.सफाई करके अटाला, कचरा सब बाहर फेंकने से घर की दशा सुधरती है।
दशामाता का व्रत जीवन में जब तक शरीर साथ दे तब तक किया जाता है। साथ ही सफाई से जुड़े समान यानी झाड़ू आदि खरीदने की परंपरा है। मान्यता है कि दशामाता व्रत को विधि-विधान से पूजन व्रत करने पर एक साल के भीतर जीवन से जुड़े दुख और समस्याएं दूर हो जाती हैं।
Published on:
06 Apr 2021 05:24 pm
