
बीकानेर. शहर में सूर्य का रौद्र रूप कहर ढा रहा है। पारे के तमतमाने से आमजन बेहाल है। गर्मी, धूप और लू के थपेड़े पूरे रौ में हैं। सूर्योदय के साथ पारे के ऊपर चढ़ने का शुरू होने वाला सिलसिला शाम तक बना रहता है। गर्मी के सितम से कुछ निजात मिल सके, इसके लिए लोग अनेक जतन कर रहे हैं। रहन-सहन और खान-पान के मेन्यू में बदलाव हो रहा है। खान-पान में ऐसी वस्तुओं का उपयोग किया जा रहा है, जो शरीर को आंतरिक रूप से ठंडक पहुंचाएं व गर्मी, लू से बचाव कर सकें।
तैलीय व गरिष्ठ भोजन से दूरी
गर्मी के कारण लोग ऐसे भोजन का उपयोग कर रहे हैं, जो हल्का हो और जल्द पचने वाला हो। अधिक तेल, मिर्च, मसालों व गरिष्ठ भोजन से बच रहे हैं। अधिक मसालों वाले फास्ट फूड का भी कम सेवन कर रहे हैं। घरों की रसोई के मेन्यू में भी दही, छाछ, का उपयोग बढ़ गया है। भोजन के दौरान सलाद का उपयोग प्रमुखता से हो रहा है।
पशुओं के लिए कूलर, पंखे और छांव :
भीषण गर्मी के दौरान पशु और पक्षी भी परेशान हो रहे हैं। पशुओं के मालिक अपने पालतु पशुओं को गर्मी से बचाव के लिए बाड़ों में कूलर, पंखों की व्यवस्था कर रहे हैं। धूप से बचाव के लिए पर्याप्त छाया की भी सुविधा की जा रही है।
छाछ, शर्बत और ज्यूस का बढ़ा उपयोग
घरों में नींबू शिकंजी, छाछ, लस्सी, विभिन्न तरह के शर्बत, विभिन्न फलों के ज्यूस का प्रयोग बढ़ गया है। सड़कों पर भी ठेलों-दुकानों पर इनका उपयोग बढ़ा है। गन्ने के ज्यूस का अधिक उपयोग किया जा रहा है। ज्यूस और शर्बत की दुकानों पर लोगों की भीड़ नजर आ रही है।
ढक रहे सिर, लगा रहे चश्मा
गर्मी के कारण लोग अतिआवश्यक कार्य होने पर ही अपने घरों, दुकानों, प्रतिष्ठानों और कार्यालयों से बाहर निकल रहे हैं। धूप में निकलने से पहले अपने सिर और चेहरे को कपड़े से ढक कर निकल रहे हैं। सिर पर टोपी अथवा हेलमेट, छाते का भी उपयोग कर रहे हैं। आंखों पर चश्मा लगा रहे हैं। युवतियां व महिलाएं अपने चेहरे के साथ हाथों को भी ढक कर बाहर निकल रही हैं।
Published on:
27 May 2024 06:18 pm
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